लालू प्रसाद ने लगाया सरकार पर लापरवाही का आरोप, वशिष्ठ बाबू को नहीं मिला उचित सम्मान

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार के अमूल्य विभूति और गणित के प्रकांड विद्वान वशिष्ठ नारायण सिंह अब हमारे बीच नहीं रहे. उन्होंने गुरुवार को पटना के पीएमसीएच में आखिरी सांस ली. आज आरा के महुली घाट पर उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाना है. वशिष्ठ बाबू के निधन बाद से लगातार सरकार विरोधी दलों के निशाने पर है. विपक्षी पार्टियों ने बिहार और केंद्र सरकार पर वशिष्ठ नारायण सिंह की अनदेखी का आरोप लगाया है.

इसी क्रम में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर बिहार सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने अपने ट्वीट के माध्यम से सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है. बता दें कि वशिष्ठ बाबू के निधन के बाद पीएमसीएच की लापरवाही भी सामने आई थी. हालांकि बाद में अस्पताल प्रशासन ने जिम्मेवार लोगों पर कार्रवाई करने की बात कही थी.



निंदनीय है नीतीश सरकार की असंवेदनशीलता

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने ट्वीट में लिखा कि “कल बिहार गौरव और हमारी साँझी धरोहर महान गणितज्ञ आदरणीय डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह जी के निधन की ख़बर सुनकर बहुत दुःख हुआ. मौत सबको एक ना एक दिन आनी ही है लेकिन मरणोपरांत जिस प्रकार उनके पार्थिव शरीर के साथ असंवेदनशील नीतीश सरकार द्वारा जो अमर्यादित सलूक किया गया वह अतिनिंदनीय है.”

पीएमसीएच ने की थी लापरवाही

बता दें कि पीएमसीएच में निधन के बाद अस्पताल प्रशासन ने गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के शव को लापरवाह हालत में सड़क पर छोड़ दिया था. उनके परिजनों को शव ले जाने के लिए एंबुलेंस तक मुहैया नहीं कराई गई थी. उनके निधन के बाद एक डेथ सर्टिफिकेट देकर अस्पताल प्रशासन ने उनके शव को सड़क पर लावारिस छोड़ दिया था. हालांकि मीडिया में ख़बरें आने के बाद अस्पताल प्रशासन ने उनके लिए एंबुलेंस की व्यवस्था करवाई थी. साथ ही अस्पताल अधीक्षक ने जिम्मेवार लोगों पर कार्रवाई की बात भी कही थी.

एक एंबुलेंस भी नहीं दे सकी डबल इंजन की सरकार

पीएमसीएच की इस लापरवाही को लेकर लालू प्रसाद यादव ने एक और ट्वीट किया और लिखा कि “क्या बड़बोली डबल इंजन सरकार उस महान विभूति को एक ambulance तक प्रदान नहीं कर सकती थी? मीडिया में बदनामी होने के बाद क्या किसी के पार्थिव शरीर को सड़क बीच रोककर उसे श्रद्धांजलि देना एक मुख्यमंत्री को शोभा देता है? क्या अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान CM उन्हें कभी देखने गए?”

मैंने उनका पूरा ध्यान रखा था

साथ ही अपने तीसरे ट्वीट में कहा कि मेरे कार्यकाल के दौरान मैंने उनका पूरा ध्यान रखा था. उन्होंने अपने तीसरे ट्वीट में लिखा है कि “हमारे कार्यकाल में मैंने उनका अच्छे से अच्छे अस्पताल में इलाज करवाया. उनकी सेवा करने वाले पारिवारिक सदस्यों को सरकारी नौकरी दी, ताकि वो पटना में उनकी अच्छे से देखभाल कर सकें. महान गणितज्ञ आदरणीय डॉ. वशिष्ठ बाबू को कोटि-कोटि नमन और विनम्र श्र्द्धांजलि.”

 

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