सियासी घमासान के बीच लालू का बड़ा फैसला, राजद नहीं करेगा राजभवन मार्च

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में चल रहे सियासी घमासान के बीच लगातार परिस्थितियां बदल रही है. महागठबंधन टूट जाने के बाद राजद का नीतीश कुमार के खिलाफ गुस्सा फूट चुका है. बिहार में कई जगह राजद कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. कई कार्यकर्त्ता तो लालू प्रसाद के आवास के सामने बीच सड़क पर बैठ गए हैं. कई जगह सड़कों को जाम भी कर दिया गया है.  सभी विधायकों का जमावड़ा राबड़ी-लालू आवास पर लगा है. सभी राजभवन की ओर प्रतिरोध मार्च निकालने की तैयारी में थे. लेकिन एन वक्त पर रणनीति में बदलाव करते हुए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने राजभवन की ओर मार्च निकालने से मना कर दिया है. 

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने सभी कार्यकर्त्ता को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि कोई भी राजभवन की तरफ नहीं जाएगा. साथ ही उन्होंने उग्र प्रदर्शन करने से भी सभी को परहेज करने को कहा है.   

बिहार में मची सियासी भूचाल के बीच राजद के सभी नेताओं का राजभवन मार्च शुरू होने वाला था.  नीतीश कुमार पर साजिश करने का आरोप लगाने वाले बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजभवन की ओर मार्च करने वाले थे. इसके लिए आज गुरुवार सुबह से बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर राजद के विधायकों, विधान पार्षदों और कई बड़े नेताओं का जुटना शुरू हो गया था. आलोक मेहता, शक्ति यादव समेत कई अन्य नेता वहां पहुँच चुके थे. साथ ही राजद के कई अन्य कार्यकर्त्ता और समर्थक का जमावड़ा भी लगने लगा. 

बता दें कि राजद विधायकों की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते पहले सरकार बनाने का दावा पेश करना चाह रही थी. लेकिन इससे पहले ही सीएम नीतीश ने भाजपा के साथ मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया. जिससे नाराज राजद के विधायकों ने नीतीश कुमार पर जम कर भड़ास निकाला. तेजस्वी यादव ने का कहा कि बड़ी पार्टी होने के नाते पहले हमें सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए. उन्होंने यह दावा किया कि जदयू के 20 से 25 विधायक उनके समर्थन में हैं. अगर उन्हें सरकार बनाने के मौका दिया गया तो वे जरूर बनाएँगे. मौका नहीं दिए जाने पर तेजस्वी यादव ने कोर्ट में जाने की भी बात भी कही है.

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