मुजफ्फरपुर में ट्रेड यूनियन की हड़ताल का असर, सफल बनाने के लिए सड़कों पर उतरे वाम दल के नेता

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : पूरे देश में ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर हड़ताल किया गया है. मुजफ्फरपुर में भी हड़ताल का असर देखने को मिल रहा है. बैंक, इंश्योरेंस सहित कई संगठन हड़ताल में शामिल हैं. ट्रेड यूनियनों की हड़ताल का वामदलों के साथ विपक्षी पार्टियां ने समर्थन दिया है. शहर में विपक्ष हड़ताल को सफल बनाने में लगे दिखे.

शहर में कई संगठनों ने बैंकों के बाहर प्रदर्शन किया वही राजद और वामदलों ने शहर के विभिन्न चौक चौराहों से होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक विरोध जुलूस निकाला. जिसमें केंद्र के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.



प्रदर्शन कर रहे लोगों ने एक स्वर में कहा कि केंद्र सरकार मजदूरों के साथ खिलवाड़ कर रही है. निजीकरण किया जा रहा है, और बेरोजगारी को भी बढ़ाया गया है. इसलिए आज हम लोग सड़कों पर हैं, और अगर हमारी मांग सरकार नहीं मानती हैं तो आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा.

बातें दें कि गुरुवार को एकदिवसीय हड़ताल के कारण राज्य में बैंक की 5127 शाखाओं के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं और लगभग पांच लाख करोड़ के नकद, डिजिटल व चेक क्लियरिंग का व्यापार प्रभावित हो गया है. व्यावसायिक बैंक और ग्रामीण बैंक के 30 हजार से ज्यादा बैंककर्मी हड़ताल में भाग ले रहे हैं. बैंकों के बंद होने से ग्राहक परेशान हैं.

इस हड़ताल में स्टेट बैंक के कर्मचारी शामिल नहीं हो रहे हैं. ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर एसोसिएशन के संयुक्त सचिव डीएन त्रिवेदी ने बताया कि बैंककर्मी जहां बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ गुरुवार को हड़ताल पर जा रहे हैं. वहीं रिजर्व बैंक द्वारा कॉरपोरेट सेक्टर को बैंक खोलने का लाइसेंस दिए जाने की अनुशंसा को लेकर वे आक्रोश में हैं. क्योंकि कुल एनपीए का 65 फीसदी बकाया कॉरपोरेट सेक्टर पर है. जिनके द्वारा ॠण नहीं लौटाये जाने से बैंक का स्वास्थ्य खराब हो रहें हैं.