12 वैक्सीन लेने वाले ब्रह्मदेव मंडल के पक्ष में MLA चंद्रशेखर,मधेपुरा SP को लिखा पत्र,की यह मांग

लाइव सिटीज, पटना डेस्क: एक के बाद एक कुल 12 कोरोना वैक्सीन(12 Doses Of Corona Vaccine)  लेने वाले मधेपुरा (madhepura) के ब्रह्मदेव मंडल (Bhramdev Mandal) गिरफ्तारी के डर से भागे-भागे फिर रहे हैं. पुलिस उनका पीछा कर रही है. लेकिन अभीतक वो पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए हैं. फरारी के दौरान ही उनका एक बयान जरूर मीडिया में आया है कि अगर उन्हें गिरफ्तार किय गया तो वो अपनी जान दे देंगे. इसके बाद इसपर सियासत शुरू हो गयी है.

ब्रह्मदेव मंडल के समर्थन में आरजेडी विधायक प्रो. चंद्रशेखर(Madhepura MLA  Chandrashekhar)  और जाप सुप्रीमो पप्पू यादव (Pappu Yadav) उतर आए हैं. मधेपुरा सदर से आरजेडी विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने वजापते एसपी को पक्ष लिखकर अपनी आपत्ती दर्ज करायी है. साथ ही मंडल की गिरफ्तार पर रोक लगाने की मांग की है.

उन्होंने अपने पत्र में कई सवाल भी उठाए हैं. उन्होंने लिखा है कि 12 वैक्सीन लेने के बाद भी एक 84 वर्षीय व्यक्ति कैसे सुरक्षित है? जब वैक्सीन के दो डोज के बीच का अंतर सरकार ने 84 दिन निर्धारित किया फिर भी 48 घंटे के भीतर दो बार वैक्सीन लेने वाले 84 वर्षीय व्यक्ति पर वैक्सीन का कोई प्रतिकूल प्रभाव क्यों नहीं पड़ा? ब्रह्मदेव मंडल ने जो वैक्सीन लेने से अपने स्वास्थ्य में सुधार की बात कही है, उसके दावे में कितनी सच्चाई है? क्या वैक्सीन सच में दर्द निवारक का काम करती है?

इस पूरे प्रकरण में स्वास्थ्य महकमे और सरकार को घेरते हुए उन्होंने लिखा है कि दिनांक 8 जनवरी को धारा 419/420 और 188 के तहत ब्रह्मदेव मंडल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया है. इस घटना के बाद ब्रह्मदेव मंडल फरार चल रहे हैं और उनका परिवार डरा हुआ है. एक व्यक्ति का 12 बार कोरोना वैक्सीन लेना सिर्फ उस व्यक्ति के ऊपर नहीं बल्कि कोरोना वेक्सिनेशन को लेकर बनायी गयी व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़ा करता है. जब सरकार ने वैक्सीनेशन प्रक्रिया को आधार कार्ड से जोड़ा तो फिर उसके बार-बार वेक्सीन लेने की बात से स्वास्थ्य महकमा कैसे अनभिज्ञ रहा? उन्होंने पूछा क्या इसके लिए सिर्फ लेने वाला ही दोषी है? ऐसे ही कई सवाल हैं जिसका जवाब पुलिस और कोरोना पर रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों को भी देना चाहिए.

राजद विधायक ने कहा कि यह घटना वैश्विक स्तर पर जारी कोरोना और उसके दवा आदि पर रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों के लिए अनुसंधान का विषय हो सकता है. विधायक ने एसपी के नाम लिखे इस पत्र की प्रतिलिपि जिला पदाधिकारी को भी भेजी है. वहीं विधायक ने वैक्सीन पर भी एक बार फिर सवाल उठाया है. क्या यह सिर्फ पानी है जिसके नाम पर लाखों करोड़ो रुपये बहाए जा रहे हैं? विधायक के समर्थन में राजद जिला अध्यक्ष ने भी मामले की जांच करते हुए ब्रह्मदेव मंडल की गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की है.

वहीं ब्रह्मदेव मंडल पर हुए एफआईआर पर जन अधिकार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मधेपुरा से पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी सरकार और सिस्टम को कटघरे में खरा किया है. पप्पू यादव ने कहा कि पुलिस क्रिमिनल के तरह ब्रह्मदेव मंडल और उसके परिवार के साथ व्यवहार कर रही है. अपनी गलती को छुपाने के लिए स्वास्थ्य विभाग उनके ऊपर केस किया है जो बर्दाश्त करने लायक नहीं है.