बिहार के इस जिले में आकाशीय बिजली का कहर, 3 लोगों की मौत, एक झुलसा

लाइव सिटीज, शेखपुरा /नीतेश : बिहार में आकाशीय बिजली का कहर जारी है. आसमान से बरस रही बिजली से आए दिन जानमाल की क्षति हो रही है. सरकार और आपदा विभाग की ओर से लगातार लोगों को वज्रपात से बचने के उपाए बताए जा रहे है. प्रचार के माध्यम से लोगों तक वो संदेश पहुंचाया जा रहा हैं जिससे वज्रपता से बच सकते है.

शेखपुरा जिले में गुरुवार को दो अलग-अलग घटनाओं में वज्रपात होने से तीन लोगों की मौत हो गई . जबकि एक का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है, जिले के करंडे थाना क्षेत्र के करंडे गांव में शिव कुमार मांझी उर्फ करकु मांझी के घर के ऊपर बज्रपात हुई. इस घटना में शिव कुमार मांझी बुरी तरह जख्मी हो गए, जबकि शिव कुमार मांझी का पत्नी सबिया देवी और 8 वर्षीय बेटा की घटनास्थल पर ही मौत हो गई.
वहीं दूसरी घटना चेवाड़ा थाना क्षेत्र के एकरामा गांव में हुई. जिसमें उपेंद्र यादव का 18 वर्षीय पुत्र राजीव कुमार का भी घटनास्थल पर ही मौत हो गई. राजीव खेत खाना पहुंचाने जा रहा था तभी रास्ते मे ही बज्रपात की चपेट में आ गया, जिसमे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी.



इन बातों का ध्यान ऱखा जाए तो वज्रपात से बचा जा सकता हैं.

-तुरंत पानी, बिजली के तारों, खंभों, हरे पेड़ों और मोबाइल टॉवर आदि से दूर हट जाएं.

-आसमान के नीचे हैं तो अपने हाथों को कानों पर रख लें, ताकि बिजली की तेज आवाज़ से कान के पर्दे न फट जाएं.

-अपनी दोनों एड़ियों को जोड़कर जमीन पर पर उकड़ू बैठ जाएं.

-अगर इस दौरान आप एक से ज्यादा लोग हैं तो एक दूसरे का हाथ पकड़कर बिल्कुल न रहें, बल्कि एक दूसरे से दूरी बनाकर रखें.

-छतरी या सरिया जैसी कोई चीज हैं तो अपने से दूर रखें, ऐसी चीजों पर बिजली गिरने की आशंका सबसे ज्यादा होती है.

-पुआल आदि के ढेर से दूर रहें, उसमें आग लग सकती है.

बता दें कि आकाशीय बिजली की प्रक्रिया कुछ सेंकेड के लिए होती है, लेकिन इसमें इतने ज्यादा बोल्ट का करंट होता है कि आदमी की जान लेने के लिए काफी होता है. क्योंकि इसमें बिजली वाले गुण होते हैं तो ये वहां ज्यादा असर करती है, जहां करेंट का प्रवाह होना संभव होता है. आकाश से गिरी बिजली किसी न किसी माध्यम से जमीन में जाती है, और उस माध्यम में जो जीवित चीजें आती हैं, उनको नुकसान पहुंचता है.