लालू के सबसे करीबी ने अब छोड़ी आरजेडी, तेजस्वी के खिलाफ फूंक दिया बगावत की बिगुल

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: राजद के वरिष्ठ नेता व बिहार सरकार के पूर्व मंत्री उदयनारायण राय उर्फ भोला बाबू ने आरजेडी छोड़ने की घोषणा कर दी है. अपने हाजीपुर निवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक कर पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया. बैठक में राघोपुर व वैशाली क्षेत्र के हजारों कार्यकर्ताओं ने उनके साथ ही पार्टी से अलग होने का निर्णय लिया.

बैठक को संबोधित करते हुए भी भोला बाबू ने कहा कि मैंने पार्टी और लालू जी के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया था मगर अब तेजश्वी के खिलाफ खड़ा हूँ. उनका कार्यकर्ताओं के प्रति व्यवहार सही नही है. राघोपुर से जीतने के बाद उन्होंने राघोपुर के जनता के साथ छल किया है. कार्यकर्ताओं ने उनसे अपनी समस्याओं को लेकर कई बार मिलने की कोसिस की मगर तेजश्वी एक बार भी ना तो मिलने आगे न कभी क्षेत्र का दौरा किया.भोला बाबू ने कहा कि वो इस बार तेजश्वी के खिलाफ जाकर एनडीए को जीताने का काम करेंगे.



उदय नारायण राय बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और उन्होंने राघोपुर की सीट लालू परिवार के लिए छोड़ी थी. उदय नारायण राय तीन बार राघोपुर से विधायक रह चुके हैं, और जनता पार्टी के टिकट पर वह 1980 से लेकर 1995 तक के तीन बार निर्वाचित हुए.

1995 में उन्होंने लालू यादव के लिए यह सीट छोड़ दी और  लालू यादव यहां से दो बार विधायक रहे और उसके बाद राबड़ी देवी. हालांकि बाद में 2010 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर जनता दल यूनाइटेड के सतीश कुमार यादव जीते थे और फिर 2015 में तेजस्वी यादव ने यहां से चुनाव लड़कर जीत हासिल की.

बैठक में राजद पूर्व जिलाध्यक्ष पंछी लाल राय, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष देसरी हरिहर पासवान, राजद प्रदेश महासचिव सह मुखिया राजीव रंजन, नवल किशोर सिंह, रामनाथ राय, अनिल राय, अशर्फी सिंह, जयशंकर सिंह, सुशीला देवी, बिंदेश्वर चौधरी, उमेश चौधरी, रघुनाथ राय, विनोद दास, रामसोभित राय, सकुन्तला देवी सहित हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे.