नीतीश कुमार को महागठबंधन में स्वागत करेंगे ?, इस सवाल का मदन मोहन झा ने ये दिया जवाब…

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क :  नीतीश कुमार को महागठबंधन में शामिल कराने को लेकर एक तरफ आरजेडी लगातार तरह-तरह के राजनीतिक हथकंडे अपना रहा है. पार्टी के नेता जेडीयू को कभी निमंत्रण तो कभी उसके विधायकों के टूटने का बयान देकर नीतीश सरकार को अस्थिर बताने का प्रयास कर रहे हैं. वहीं कांग्रेस ने नीतीश को महागठबंधन में लाने की बात को सिरे से खारिज कर दिया. प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने साफ कर दिया कि जो भी बातें मीडिया में दिखायी जा रही है उसमें तनिक भी सच्चाई नहीं है. सारी की सारी बातें काल्पनिक और मनगढ़ंत है.

मदन मोहन झा ने लाइव सिटीज से बात करते हुए कहा कि आरजेडी, कांग्रेस या फिर वामदल के किसी भी बड़े नेता ने जेडीयू के महागठबंधन में शामिल कराने को लेकर बयान नहीं दिया है. जो लोग बयान दे भी रहे हैं वो उनका व्यक्तिगत राय हो सकता है. उनकी राय को पार्टी की राय नहीं समझना चाहिए. अभी ऐसी कोई भी बात नहीं समाने आयी है जिससे इस अफवाह के बारे में कुछ कहा जा सकता है.



वहीं बिहार एनडीए में जेडीयू के असहज होने की बात करते हुए उन्होंने कहा बीजेपी की ओर से जेडीयू को कमजोर करने को कोशिश की जा रही है. अरूणाचल मुद्दा हो या फिर ट्रांसफर पोस्टिंग का मुद्दा सभी जगहों पर बीजेपी हावी होती दिख रही है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ये सारे मुद्दे उनलोगों के अंदरूनी है. ऐसे में हमलोगों के द्वारा कुछ भी कहना सहीं नहीं है.

बता दें कि 2021 के पहले ही दिन राबड़ी देवी से जब पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार को महागठबंधन में शामिल कराया जा सकता है. इस पर उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो पार्टी के बड़े नेता इस विचार कर सकते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में जेडीयू को कमजोर करने की भरपूर कोशिश की जा रही है.

उधर श्याम रजक ने भी यह कहकर सियासी भूचाल लाने का प्रयास किया कि जेडीयू के करीब आधा दर्जन विधायक उनके संपर्क में हैं. जल्द ही ये सारे विधायक आरजेडी में आ जाएंगे. आरजेडी नेता के इस बयान के बाद सीएम नीतीश को सफाई देने के लिए आगे आना पड़ा. उन्होंने कहा कि बिहार में किसी प्रकार का सियासी संकट नहीं है. जितनी भी बातें की जा रही है वो महज एक अफवाह है. उसमें तनिक भी सच्चाई नहीं है.