विधानसभा में विधायकों के साथ मारपीट पर महेश्वर हजारी ने जतायी चिंता, कही ये बात

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार विधानसभा में मंगलवार को सशस्त्र पुलिस विधेयक-2021 के विरोध में जो कुछ हुआ उसकी चर्चा आज पूरा देश कर रहा है.  विधायकों के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की से जुड़ी तस्वीरें साझा की जा रही हैं. विधानसभा में विधायकों और पुलिस के बीच हाथापाई और मारपीट पर विधानसभा उपाध्यक्ष महेश्वर हजारी ने चिंता जतायी है. महेश्वर हजारी ने कहा कि जिस दिन यह घटना घटी थी, उसदिन हमलोग सदन में थे. आजादी के बाद इस तरह की घटना कभी नहीं घटी है. यह बेहद ही शर्मनाक है. विपक्ष के विधायकों ने स्पीकर को बंधक बनाया. और आसन का अपमान किया. साथ ही विपक्ष के नेता ने सदन में कुर्सी चलाई और गाली गलौज भी की. ये बहुत गलत है. जनता प्रतिनिधियों को जनादेश देकर भेजती है, अपनी क्षेत्र का विकास करने के लिए. जनता की भरोसा को नहीं तोड़ना चाहिए.  जिस तरह से बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता बच्चे की तरह लड़ रहे थे, यह प्रजातंत्र के लिए बहुत ही दुर्भाग्य है. बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद प्रजातंत्र का मंदिर होता है. उसमें इस तरह की घटना बेदह शर्मनाक है, इस घटना से बिहार शर्मिंदा है. लोगों को अपनी गलती का एहसास होना चाहिए, हमने किस तरह की गलती की है कि उस कार्रवाई हुई है.  पक्ष और विपक्ष सरकार की अंग होती है, सबलोग सदन के अंदर माननीय सदस्य हैं. सबका काम है अपने क्षेत्र का विकास करना.

इससे पहले भी हमलोग विपक्ष के नेता थे. नियम को ध्यान में रखते हुए सदन में सरकार के खिलाफ नारा  लगाते थे. नियम के अनुकुल विधानसभा चलता है.  कभी नियम नहीं तोड़ना चाहिए. महेश्वर हजारी ने घटना को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि इस बार  विधानभा में युवा और नए विधायकों की संख्या ज्यादा है, इएलिये इनलोगों को विधायकी  कार्य की जानकारी नहीं है।जानकारी देने के लिए एक बड़ा सेमिनार करने की जरूरत है.

गौरतलब है कि 23 मार्च को भारी हंगामा के बीच विधानसभा में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021 हुआ. बता दें की बिहार विधानसभा में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस विधेयक 2021 पेश किया जाना था. लेकिन विपक्ष के विधायक इस विधेयक को काला कानून बताते हुए हंगामा करने लगे. विपक्ष ने हर मर्यादाओं को भूल कर विरोध किया. सदन में विपक्ष ने आसान का घेराव किया, तोड़फोड़ किया, विधेयक की प्रति छीनने की कोशिश की.विधानसभा सभा अध्यक्ष के कार्यलय के बाहर धरना दिया, जिसके के अतिरिक्त पुलिस बल को विधानसभा बुलाया गया, जिन्होंने विपक्ष के विधायकों को बलपूर्वक बाहर निकल दिया था. इसमे कई विधायक गंभीर चोटें भा आई.