मांझी मांगे ‘MORE’, एनडीए में वापसी के लिए विधान परिषद की एक सीट पर अटकी बात

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क :  मांझी की नाव बीच मंझधार में फंस गयी है. सबकुछ प्लान के मुताबिक चल रहा था. पहले 30 अगस्त को एनडीए में शामिल होने की बात हो रही थी. लेकिन अंदरखाने में बात नहीं बनी तो घोषणा तिथि को बढ़ाकर 2 सितंबर कर दिया गया. लेकिन फिर इस तिथि को भी टाल दी गयी है.

सूत्रों की माने तो मांझी की महत्वाकांक्षा हिचकोले खा रही है. इन्हें अपने लिए एक विधानपरिषद की सीट चाहिए. कहा जा रहा है कि मांझी चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं और वह खुद के लिए विधान परिषद की सीट चाहते हैं. जिसको लेकर जेडीयू से बात अभी अधूरी है. जेडीयू की ओर से आश्वासन मिलने के बाद ही मांझी एनडीए में शामिल होने की घोषणा करेंगे.



मांझी 9 विधानसभा और एक विधान परिषद की सीट चाहते हैं. जदयू विधानसभा की 9 सीट देने को तैयार है लेकिन विधान परिषद की एक सीट को लेकर मामला अटका है. कहा तो यह भी जा रहा है कि अगर उन्हें विधान परिषद की एक सीट नहीं मिली तो वह 12 विधानसभा की सीटें चाहते हैं. इसको लेकर अभी मामला अटका है.

नीतीश कुमार चाहते हैं कि मांझी चुनाव लड़ें. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि उनकी जीत की पूरी जिम्मेदारी जदयू पर है. यह अभी साफ नहीं हुआ है कि मांझी चुनाव लड़ेंगे या नहीं. पिछले दिनों ही जीतनराम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों नेताओँ के बीच राजी खुशी सारी बाते हुई. दोनों नेताओं के मुलाकात बात यह कयास लगाया जाने लगा था कि जल्द ही मांझी एनडीए में शामिल हो जाएंगे.