मांझी की पार्टी का जदयू पर पलटवार, कहा- जो गद्दार है वही दूसरों को गद्दार समझता है

पटना (नियाज आलम) : हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पर जदयू प्रवक्ता संजय सिंह के बयान पर हम (से) ने पलटवार किया है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राम विलास प्रसाद ने जदयू के प्रवक्ता संजय सिंह के ब्यान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि रामायण में एक पंक्ति है कि ‘‘ जाकि रही भावना जैसी, प्रभु मूरत देखी तिन तैसी’’ अर्थात जो गद्दार है वही दूसरों को गद्दार समझता है. उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश के मुखिया नीतीश कुमार के प्रवक्ता तोता राम (संजय सिंह) शायद भूल रहें है कि नीतीश कुमार का कद बढ़ाने वाले पूर्व सांसद दिग्विजय सिंह थे. उनके साथ गद्दारी कर महज एक टिकट नहीं देने के कारण ही सदमा में उनकी मृत्यु हो गई. 

दूसरा  उदाहरण है कि जार्ज फर्नाडिस, जिन्होंने पाई से लेकर अरबों रुपये तक खर्च कर नीतीश कुमार एवं उनकी पार्टी को वर्तमान स्थिति में लाने का काम किया है, उस महान पुरूष को लोक सभा/राज्य सभा का टिकट नहीं देकर गद्दारी किए, जिसके कारण जार्ज फर्नाडिस आज मृत्युशय्या पर पड़े दिन गिन रहे हैं.  इसके आगे भी नीतीश कुमार ने बिहार की जनता के  साथ गद्दारी की, क्योंकि सन् 2010 में बीजेपी के साथ सरकार बनाने  के लिए बिहार की जनता ने उन्हें जनादेश दिया था, उस मैंडेट के विरूद्व जाकर उन्होंने प्रधानमंत्री के पद की लालसा के कारण बीजेपी के साथ गठबंधन को तोड़ कर बिहार की जनता के साथ गद्दारी की. 

राम विलास यहीं नहीं चुप हुए, उन्होंने आगे कहा कि पुनः  जीतन राम मॉंझी को 15 महिने के लिए मुख्यमंत्री बनाने के लिए तत्कालीन जनता दल (यू) ने अपना नेता चयनित किया. नीतीश कुमार ने तत्कालीन जद (यू) विधायक दल के साथ गद्दारी कर जीतन राम मॉंझी को लगभग 9 माह के अंदर हीं त्याग-पत्र देने का षडयंत्र रचा. पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि इससे यह स्पष्ट है कि जनता दल (यू) के सर्वेसर्वा नीतीश कुमार बिहार के लोंगो के साथ गद्दारी किये हैं न कि जीतन राम मॉंझी? यह बात तोता राम को समझना चाहिए.

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