एनडीए की जीत पर मनोज झा का कटाक्ष- ‘आप येन केन प्रकारेण सरकार तो बना लेंगे लेकिन ‘जागा’ बिहार सत्ता प्रतिष्ठान को अब सोने नहीं देगा’.

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार में एक बार नीतीशे सरकार. प्रदेश की 13 करोड़ जनता से एनडीए को बहुमत का जादुई आंकड़ा 122 सीट ही नहीं दिया बल्कि उससे कहीं ज्यादा दे दिया है. जबकि महागठबंधन को उम्मीद से कम सीटें देकर यह बता दिया कि अभी भी उन्हें प्रदेश की जनता का विश्वास जितना बाकी है.

बिहार में एनडीए को मिली जीत को आरजेडी षड़यंत्र बता रहा है. आरजेडी नेताओं की माने तो आने वाली सरकार टिकाऊ नहीं होगी. पार्टी सांसद मनोज झा ने ट्वीट कर कहा है कि ‘नौकरी आंदोलन’ और ‘समान काम का समान वेतन’ अब बिहार के जनमानस का अभिन्न हिस्सा हो चुका है. धन्यवाद @yadavtejashwi ji..आप येन केन प्रकारेण सरकार तो बना लेंगे लेकिन ‘जागा’ बिहार सत्ता प्रतिष्ठान को अब सोने नहीं देगा. ये इस जनादेश का साफ संदेश है.जय बिहार जय हिंद”



वहीं प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने एनडीए की जीत को एक साजिश करार देते हुए कहा कि सत्ता की हनक की बदौलत आरजेडी के जीते उम्मीदवारों को हराया गया. लेकिन पिक्चर अभी बाकी है. बहुत जल्द सस्पेंस पर से पर्दा हटेगा.

2020 का चुनाव काफी टशन भरा रहा. हार जीत के फैसले वोटों की गिनती के दिन अंत-अंत तक फंसा रहा. किसी की 13 मत, 18 मतों से हार हुई. आरजेडी नेताओं ने रीकाउंटिंग पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग के दरवाजे भी खटखटाए. मनोज झा, श्याम रजक दोनों रात में चुनाव आयोग पहुंच गए और कहा कि आरजेडी के 119 जिते प्रत्याशियों को हरा दिया गया.

बता दें कि बिहार की जनता ने एनडीए गठबंधन को 125 सीटें मिली है. वहीं महागठबंधन को 110 सीटें मिली है. सबसे बड़ी सिंगर लारजेस्ट पार्टी के रूप में आरजेडी उभर कर सामने आया है. आरजेडी को अकेले 75 सीट आयी है. जबकि दूसरे नंबर पर बीजेपी को 74 सीट मिला है. जेडीयू को 43 सीट से संतोष करना पड़ा है.