सीता साहू से छिन सकती है मेयर की कुर्सी ! हाईकोर्ट ने थमाया नोटिस

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : पटना की मेयर सीता साहू की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है. 1 अगस्त को अविश्वास प्रस्ताव की अग्निपरीक्षा सीता साहू ने पास कर अपनी कुर्सी तो बचा लिया, लेकिन अभी भी कुर्सी छिन जाने की संभवना बरकरार हैं. इसको लेकर पटना हाईकोर्ट ने सीता साहू को नोटिस जारी किया है.

दरअसल 1 अगस्त को सीता साहू के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई. जिसमें विरोधी खेमा धराशायी हो गयी. लेकिन उपमेयर मीरा देवी ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव में विरोधी खेमा पराजित नहीं हुआ बल्कि मेयर सीता साहू खुद अविश्वास प्रस्ताव के दौरान देर से पहुंचीं. जो एक सोची समझी साजिश हैं. इसको लेकर वो हाईकोर्ट चली गयी.



पटना हाईकोर्ट ने मीरा देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए मेयर सीता साहू को नोटिस जारी किया है. साथ ही नगर निगम से भी जवाब तलब किया है. मामले पर अगली सुनवाई 4 सप्ताह बाद होगी. तबतक सभी लोगों से कोर्ट ने जवाब तलब किया है.

डिप्टी मेयर मीरा देवी ने हाईकोर्ट में दायर रिट याचिका में मेयर के विरुद्ध भ्रष्टाचार समेत कई अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं. याचिका में कहा गया है कि मेयर ने कोरोना महामारी के दौरान पटना की गरीब और जरूरतमंद जनता तक सहायता पहुंचाने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की. याचिका के जरिए पटना मेयर के कामकाज पर रोक लगाने की मांग भी की गई है.

बता दें कि पटना नगर निगम के पूर्व उपमेयर विनय कुमार पप्पू के नेतृत्व में 41 वार्ड पार्षदों ने मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था. जिसपर 1 अगस्त को पटना के एसकेएम में वोटिंग करायी गयी.

अविश्वास प्रस्ताव लाने वाला गुट जरूरी 38 पार्षदों को अपनी तरफ करने में असफल रहा. अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने वाले 41 पार्षदों में से कई सीता साहू के साथ नजर आए. वहीं मेयर खेमा के दो और विरोधी खेमा के पांच पार्षद कोरोना से संक्रमित होने के कारण बैठक में नहीं शामिल हो सके.