मक्का मस्जिद ब्लास्ट : फैसला देने के थोड़ी ही देर बाद जज का इस्तीफा, ओवैसी ने जताई हैरानी

लाइव सिटीज डेस्क : मक्का मस्जिद ब्लास्ट मामले में फैसला देने वाले जज रविंदर रेड्डी ने इस्तीफा दे दिया है. फैसला देने के कुछ ही घंटे बाद जज ने अपना इस्तीफा सौंप दिया. जिसके बाद से सियासी दलों ने भी इस पर हैरानी जताई है. हालांकि रेड्डी ने अपने इस्तीफे के लिए निजी कारणों का हवाला दिया और कहा कि इसका आज के फैसले से कोई लेना देना नहीं है. एक न्यायायिक अधिकारी ने पीटीआई को जानकारी दी कि वह काफी समय से इस्तीफा देने पर विचार कर रहे थे.

इस बीच, AIMIM चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने जज के इस्तीफे पर हैरानी जताई है. ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, ‘जिस जज ने मक्का मस्जिद ब्लास्ट के सभी आरोपियों को बरी किया, उन्होंने पहेली के अंदाज में इस्तीफा दे दिया और मैं उनके फैसले से हैरान हूं.’

11 साल पहले हैदराबाद की प्रसिद्ध मक्का मस्जिद में हुए शक्तिशाली पाइप बम धमाके मामले में आज फैसला सुनाया गया. सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है. NIA की कोर्ट ने सभी 5 आरोपियों को बरी कर दिया है. एनआईए मामलों की चतुर्थ अतिरिक्त मेट्रोपोलिटन सत्र सह विशेष अदालत ने सुनवाई पूरी कर की और इस मामले में फैसला सुनाया. देवेंद्र गुप्ता, लोकेश शर्मा, स्वामी असीमानंद, भरत और राजेंद्र चौधरी को आरोपी बनाया गया था. सबूत के आभाव में बा इज्जत किया बरी.

क्या है पूरा मामला

18 मई 2007 को यानी जुमे की नमाज के दिन मुस्लिम समाज के इस प्रसिद्ध इबादतगाह में हुए ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत हो गई थी. इसके अलावा विस्फोट में 58 लोग घायल भी हुए थे. इस मामले में स्वामी असीमानंद समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया था. 2007 में हुए इस ब्लास्ट में स्थानीय पुलिस ने शुरूआती छानबीन की थी. बाद में यह मामला सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया था. सीबीआई ने एक आरोपपत्र दाखिल किया. इसके बाद 2011 में सीबीआई से यह मामला राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के पास भेजा गया.

आपको बता दें कि ब्लास्ट के बाद पुलिस ने दर्शनकारियों को रोकने के लिए हवाई फायरिंग की थी, जिसमें कई और लोग मारे गए थे. इस घटना में 160 चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे. इन बयानों में पीड़ितों के साथ ही आरएसएस प्रचारकों सहित कई लोगों को शामिल किया गया था.

मामले के आरोपी असीमानंद को अप्रैल 2017 में कोर्ट ने इस शर्त पर जमानत दी थी कि वह हैदराबाद और सिकंदराबाद नहीं छोड़ सकते. पिछले महीने असीमानंद से जुड़े एक दस्तावेज के गायब होने की खबर आई थी. मामले का खुलाास तब हुआ जब कोर्ट के सामने मंगाए गए दस्तावेज सीबीआई के मुख्य जांच अधिकारी एसपी टी राजेश बालाजी ने देखे. हालांकि बाद में दस्तावेज मिल गए थे. सीबीआई ने जिन चश्मदीदों की गवाही दर्ज की थी उनमें से 54 गवाह अब मुकर चुके हैं. इनमें से डीआरडीओ के वैज्ञानिक वदलामनी वेंकट राव भी हैं.

यह भी पढ़ें-  Big Breaking : मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में असीमानंद समेत सभी 5 आरोपी बरी

About Ranjeet Jha 2080 Articles
I am Ranjeet Jha (पत्रकार)

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*