‘जो सवाल उठा रहे हैं, उन्होंने क्या किया’, मेवालाल के मुद्दे पर तेजस्वी के आरोप का मंत्री अशोक चौधरी ने ऐसे दिया जवाब

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : मेवालाल चौधरी के इस्तीफे के बाद जेडीयू आरजेडी पर हमलावर है.. जेडीयू के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अशोक चौधरी ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि सीएम नीतीश ने सार्वजनिक जीवन में कभी भी थ्री सी से समझौता नहीं किया है.

उन्होंने नीतीश की कार्यशैली की चर्चा करते हुए कहा कि हमारे नेता ने हर बार मर्यादा का पालन किया है. उन्होंने कभी भी भ्रष्टाचार, अपराध और संप्रदायवाद से समझौता नहीं किया . इसका उदाहरण उन्होंने केन्द्र सरकार में रहते हुए भी पेश करने का काम किया, और राज्य की बागडोर जब से संभाला, उस समय से उदाहरण पेश करते रहे हैं.



अशोक चौधरी ने कहा कि हमने समय समय पर उदाहरण पेश किया. लेकिन जो सवाल उठा रहे हैं क्या वो भी उदाहरण पेश करेंगे. तेजस्वी नेता प्रतिपक्ष का पद ग्रहण नहीं करेंगे. उनपर भी कई तरह का चार्ज है. कई मामले में उनपर भी आरोप है. ऐसे में उन्हें भी नैतिकता पेश करनी चाहिए.

इसके पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने मेवालाल चौधरी को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने इस्ताफी देकर एक उदाहरण पेश किया है. मंत्री के इस्तीफे ने साफ कर दिया कि मुख्यमंत्री नीतीश राजनीतिक सुचिता और पवित्रता का बराबर ध्यान रखा है.

वशिष्ठ नारायण सिंह ने सीएम नीतीश की तारीफ करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के सामने जब भी ऐसे मामले आए हैं, उन्होंने राजनीतिक पवित्रता का परिचय दिया है. लेकिन अब बारी तेजस्वी यादव की है. क्या वो भी नैतिकता का परिचय देंगे?. उनपर भी कई तरह के आरोप है.

तेजस्वी लंबे काल तक विपक्ष का नेता रहे हैं. लेकिन उन्होंने कभी भी उच्च मानदंड का ख्याल नहीं रखा. कभी राजनीतिक पवित्रता का परिचय नहीं दिया. क्या वो भी नैतिकता का परिचय देते हुए नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं ग्रहण करेंगे?. उनपर भी कई प्रकार के आरोप है. कई मामले अभी भी कोर्ट में लंबित है. ऐसे में उनको भी उच्च मानदंड निर्धारित करना चाहिए.

नीतीश कुमार की नीति जीरो टॉलरेंस की है. इसी आधार पर सरकार चलती रही है और आगे भी चलती रहेगी. हमने तो समय-समय पर उदाहरण पेश किए हैं. लेकिन जिन लोगों ने आरोप लगाया है उन्होंने कब-कब उदाहरण पेश करने का काम किया है, जरा बता दें.

जिनपर अनेकों आरोप हो वो दूसरों पर आरोप लगाने का अधिकारी नहीं हो सकता है. उनको कोई भी अधिकार नहीं है कि इस तरह का आरोप लगाने का. हमारी सरकार ना किसी को फंसती है और ना ही किसी को बचाती है.