मंत्री अशोक चौधरी को मिला शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार, मेवालाल के इस्तीफे को राज्यपाल ने किया स्वीकार

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : महज ढाई घंटे के लिए शिक्षा मंत्री रहे मेवालाल चौधरी ने इस्तीफा दे दिया. इनको लेकर सरकार की काफी किरकिरी हो रही थी. विभाग का पदभार ग्रहण करने से एक दिन पहले मेवालाल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की थी. कयास लगाया जाने लगा था कि नीतीश कुमार ने इन्हें अपना फैसला सुना दिया था. जिसके बाद ही इन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया.

इधर मेवालाल चौधरी की जगह शिक्षा विभाग का प्रभार भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी को सौपा गया है. जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए अशोक चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री के विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा.



इसके पूर्व मंत्री अशोक चौधरी ने चार विभाग का पदभार संभाला. जिसको लेकर उन्होंने ट्विट कर लिखा कि “आप सभी प्रदेशवासियों के आशीर्वाद से आज सुबह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भवन निर्माण विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का कार्यभार ग्रहण किया। मैं अपने बिहार के लोगों को विश्वास दिलाता हूं कि आपके विकास एवं कल्याण हेतु पूर्ण समर्पण के साथ काम करूंगा।“

बता दें कि विवादों में घिरे शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी ने आज ही विभाग का कार्यभार संभाला और महज ढाई घंटे के बाद ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया. राज्यपाल फागू चौहान ने तत्काल प्रभाव से इस्तीफे को स्वीकार कर लिया. भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी को शिक्षा विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौप दिया गया है.

शिक्षा मंत्री मेवालाल द्वारा इस्तीफा देने के बाद आरजेडी नीतीश सरकार पर हमलावर हो गया है. आरजेडी सांसद मनोज झा ने ट्विट कर लिखा कि “ज्यादा हैरानी और चिंता का विषय ये है कि दिल्ली की चर्चा के अनुसार @BJP4India के दवाब में मा. मुख्यमंत्री जी को ये निर्णय लेना पड़ा. जनादेश के ‘सन्देश’ को अभी भी समझने का वक़्त है…जय हिन्द जय बिहार”

उधर तेजस्वी ने भी ट्वीट कर हमला बोला है. उऩ्होंने लिखा कि ” मा. मुख्यमंत्री जी, जनादेश के माध्यम से बिहार ने हमें एक आदेश दिया है कि आपकी भ्रष्ट नीति, नीयत और नियम के खिलाफ आपको आगाह करते रहें. महज एक इस्तीफे से बात नहीं बनेगी. अभी तो 19 लाख नौकरी,संविदा और समान काम-समान वेतन जैसे अनेकों जन सरोकार के मुद्दों पर मिलेंगे. जय बिहार,जय हिन्द”

“मैंने कहा था ना आप थक चुके है इसलिए आपकी सोचने-समझने की शक्ति क्षीण हो चुकी है। जानबूझकर भ्रष्टाचारी को मंत्री बनाया थू-थू के बावजूद पदभार ग्रहण कराया घंटे बाद इस्तीफ़े का नाटक रचाया। असली गुनाहगार आप है। आपने मंत्री क्यों बनाया??आपका दोहरापन और नौटंकी अब चलने नहीं दी जाएगी?”