मो. अली अशरफ फातमी नहीं लड़ेंगे चुनाव, VIP पार्टी के उम्मीदवार बद्री पूर्वे के लिए करेंगे प्रचार

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर बिहार में सियासी पारा चढ़ा हुआ है. बिहार में लोकसभा चुनाव से पहले इस्तीफे का दौर जारी है. इस बीच मधुबनी से एक बड़ी खबर आ रही है. मधुबनी में आरजेडी के नेता व पूर्व सांसद मोहम्मद अली अशरफ फातमी अब चुनाव नहीं लड़ेंगे. अब वह मधुबनी से महागठबंधन के वीआईपी पार्टी के उम्मीदवार इंजीनियर बद्री कुमार पूर्वे उर्फ राजू के लिए चुनाव प्रचार करेंगे. फातमी को राजद से लोकसभा का टिकट नहीं मिला था. उसके बाद से ही फातमी ने एलान कर दिया था कि वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे लेकिन इन अटकलों पर विराम लग गई है.

मिली जानकारी के मुताबिक, आरजेडी के कद्दावर नेता व पूर्व सांसद मो. अली अशरफ फातमी अब मधुबनी से चुनाव नहीं लड़ेंगे. यह सीट वीआईपी पार्टी को दे दिया गया है. बहुत अटकलें लगाई जा रही थी कि फातमी मधुबनी से निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले है. लेकिन अब साफ हो गया है कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे. अब वह सीट वीआईपी पार्टी के मुखिया मुकेश सहनी के खाते में सीट चली गई है. वहां से वीआईपी पार्टी के उम्मीदवार इंजीनियर बद्री कुमार पूर्वे हैं. इस निर्णय के बाद महागठबंधन में तीखी लकीर खींच गई थी. फातमी इस खबर के बाद मायूस चल रहे थे. कुछ दिन पहले उनका टिकट कट गया था. वह बागी चल रहे थे.

फातमी ने कहा कि वह ऐसा कोई निर्णय नहीं करेंगे कि महागठबंधन पर कोई खराब असर पड़े. उन्होंने साफ तौर पर कह दिया है कि मैं महागठबंधन में ही हूं और मधुबनी से वीआईपी पार्टी के उम्मीदवार के लिए चुनाव प्रचार करूंगा. मैं ऐसा कोई कदम नहीं लूंगा कि जिससे की पार्टी को कोई नुकसान पहुंचे. मैं पार्टी की हित में काम करूंगा. उन्होंने कहा कि मुझे राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव पर पूरा विश्वास है. मैं 11 या 12 अप्रैल को पटना आऊंगा और पार्टी के लिए प्रचार करूंगा. अली अशरफ ने साफ कह दिया है कि वह चुनाव नहीं लड़े रहे हैं. उन्होंने अपने समर्थकों को भी संदेश भेजवा दिया है. वह जल्द ही चुनाव प्रचार में उतरेंगे. इससे मुकेश सहनी को भी मजबूती मिलेगी कि वह उनके उम्मीदवार के खिलाफ नहीं लड़ने वाले है. अब यह देखना है कि वीआईपी पार्टी के मधुबनी से उम्मीदवार बद्री पूर्वे अपने क्षेत्र में कैसे चुनाव लड़ रहे है. उनके लिए यह पहला लोकसभा चुनाव है. बद्री पूर्वे कैसे अपने मतदाता को अपने पाले में लाते है.

उन्होंने कहा कि बद्री पूर्वे के खिलाफ चुनाव लड़ने का कोई सवाल ही नहीं है. वो मेरे साथी है. मैं उनके लिए चुनाव प्रचार करूंगा. फातमी ने कहा कि बद्री पूर्वे मधुबनी और दरभंगा में काम किया. तो यह सवाल ही नहीं पैदा होता है कि मैं उनके खिलाफ चुनाव लडूं. मैं उनकी पार्टी का सहयोग करूंगा. साथ यही भी कहा कि हमलोग के सहयोग के साथ महागठबंधन बिहार में आगे निकले और चालीस की चालीस सीटों पर विजय हासिल करें. महागठबंधन की सभी बातों को वह मान चुके है. उन्होंने कहा कि आगे और भी राजनीति है.

आपको बता दें कि मिथिलांचल से आरजेडी के कद्दावर नेता मोहम्मद अली अशरफ फातमी ने मधुबनी से टिकट कटने की अटकलों पर कहा कि वे पिछले तीस सालों से हर अच्छे-बुरे दौर में लालू यादव के साथ रहे हैं. मैं उनके कई राज जानता हूं. मैंने विनम्रतापूर्व अपना संदेश लालू यादव को भेज दिया है. अगर मुझे टिकट नहीं मिल रहा है तो इसका मुझे कारण बताया जाना चाहिए. फातमी केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. इससे पहले चर्चा थी कि फातमी दरभंगा से चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन अब वहां से आरजेडी के ही सीनियर नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी के चुनाव लड़ने की चर्चा है.

वहीं उनके बेटे और मौजूदा आरजेडी विधायक फराज फातमी ने कहा कि हमें पूरी उम्मीद थी और है भी. निश्चित रूप से हमारे पिता को वहां से चुनाव लड़ना चाहिए. मैं भी वहां विधायक हूं. आने वाले कल में महागठबंधन 100 प्रतिशत वहां से चुनाव जीतेगा. जब ऐसी खबर फैली तो हमने अपनी बात को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सामने रखा और उनको सारी बातों से अवगत कराया है. सारी बातें बताई हैं और उन्होंने अच्छे से सुना भी है. उन्होंने हमें आस्वाशन दिया है कि आप हमें एक दिन का समय दीजिए हम विचार कर लेते हैं. वो एक अच्छा डिसीजन हमारे पक्ष में लेंगे और हम दरभंगा जा रहे हैं. अपने समर्थकों के साथ बैठक भी करेंगे.”

 

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