मांझी मामले में भी अनंत सिंह को बेल, जेल से बाहर आने का रास्ता साफ

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पटना/गया: जैसी ​उम्मीद थी, वैसा ही हुआ. मोकामा के दबंग निर्दलीय विधायक अनंत सिंह को मांझी के मामले में भी जमानत मिल गयी है. मामला खिजरसराय थाने से जुड़ा हुआ है. इस मामले में अनंत सिंह पर तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को टीवी पर धमकी देने का आरोप था. तब मांझी के घर वालों ने गया में उनके खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी थी. शुक्रवार को गया कोर्ट से इस मामले में अनंत सिंह की जमानत होने पर अब उनका जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है. गया कोर्ट के एडीजी प्रथम के न्यायाधीश एस.एन ने जमानत दी. फिलहाल वे बेऊर जेल में बंद हैं. इधर विधायक अनंत सिंह को जमानत मिलने से उनके समर्थकों में खुशी की लहर है.



दरसअल, अनंत सिंह के समर्थकों को पिछले सप्ताह ही विधायक के जेल से बाहर आ जाने का भरोसा था. उनके जोरदार स्वागत की तैयारी भी समर्थकों ने कर ली थी. मालूम हो कि अनंत सिंह के जेल के छूटने में सबसे बड़ी बाधा उनके खिलाफ बिहार सरकार द्वारा 2016 में लगाया गया सीसीए था. पटना हाई कोर्ट ने भी इस पर मुहर लगा दी थी. लेकिन 12 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट के खंडपीठ ने अनंत सिंह के खिलाफ लगे सीसीए को रद्द कर दिया था. इसके बाद विधायक का जेल से छूट जाना तय माना जा रहा था, क्योंकि अन्य सभी ज्ञात मुकदमों में उन्हें कोर्ट ने अलग-अलग तारीखों में पहले ही जमानत दे दी थी.

इधर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जब बेऊर जेल से छूटने का दिन आया, तो प्रशासन ने अंतिम समय में गया जिले में दर्ज एक और मुकदमे में अनंत सिंह के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट बेऊर जेल पहुंचा दिया. ऐसे में अंतिम क्षण में जेल से रिहाई रुक गई. गया जिले के मुकदमे की जानकारी अनंत सिंह के वकीलों को भी नहीं थी. यह मुकदमा तब दर्ज किया गया था, जब जीतनराम मांझी बिहार के मुख्यमंत्री थे. तब अनंत सिंह जदयू के विधायक थे और नीतीश कुमार की लड़ाई में शामिल थे.

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आरोप लगा था कि अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी को टीवी पर धमकी दी. इस मामले में मांझी के घर वालों ने गया में रिपोर्ट लिखा दी थी. इसमें मांझी को जातिसूचक शब्द, जान मारने की धमकी और अपशब्द कहे जाने का प्रयोग किए जाने की बात को लेकर भांजे उपेन्द्र मांझी के द्वारा खिजरसराय थाना में प्राथमिकी संख्या 33।15 दर्ज कराई थी. इसमें अनंत सिंह की अपराधिक छवि का भी हवाला दिया गया था. इसी मामले में 22 अप्रैल को अनंत सिंह ने गया के कोर्ट में अपनी हाजिरी दर्ज करा दी थी और वे बेऊर जेल लौट आये थे. इसी मामले में शुक्रवार को गया कोर्ट ने अनंत सिंह को जमानत दे दी है. केस-मुकदमे के जानकार पटना हाई कोर्ट के वकीलों का कहना है कि मांझी मामले में जमानत मिलने से अब विधायक के जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है.