‘मेरे विभाग में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार’, भूमि एवं राजस्व विभाग के मंत्री रामसूरत राय ने खुलेआम कह दी ये बात

लाइव सिटीज, मुजफ्फरपुर/अभिषेक : भूमि एवं राजस्व विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है. खासकर विभाग के नीचले स्तर के कर्मचारियों की मनमानी के कारण विवाद काफी बढ़ जाता है. यह बात कोई और नहीं बल्कि विभाग के मंत्री रामसूरत राय ने कहीं. उन्होंने ये बातें प्रेस कांफ्रेंस के दौरान तमाम मीडिया के समाने कहीं. मंत्री जी ने कहा कि मैं खुले शब्दों में कहता हूं कि भूमि एवं राजस्व विभाग में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार है. जिसपर अंकुश लगाने की ओर से हमने पहल करना शुरू कर दिया है.

मंत्री रामसूरत राय ने प्राथमिकता गिनाते हुए कहा कि जमाबंदी कायम करना, बिना किसी दबाव के दाखिल खारिज की व्यवस्था करना और एलपीसी की समस्या का समाधान करना ये तीन काम पर मेरी फोकस है. जिसको लेकर हमने पहल भी शुरू कर दी है. विभाग का कार्यभार संभालते ही पहले समीक्षा बैठक में मैंने इस सारी समस्याओं की ओर इंगित किया. साथ ही मुख्यमंत्री से इसके लिए सहयोग मांगा.



मंत्री ने विभाग में कर्मचारियों की कमी को भी एक कारण बताते हुए कहा कि 60 प्रतिशत के ज्यादा हैंड की कमी है. 80 फीसदी अमीन नहीं है, सीआई की कमी और प्रमोटी सीओ होने के कारण समय पर लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पाता है. जिसको लेकर मुख्यमंत्री से बात हुई है. जल्द ही रिक्त पदों को थोड़ा-थोड़ा करके भरने का काम किया जाएगा.  

वहीं कृषि बिल कानून के विरुद्ध आये दिन देश के किसी न किसी हिस्से में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसान भर्मित नही हो रहे है. दलाल और बिचौलियों के द्वारा भर्मित किया जा रहा है.  उन्होंने कहा कि इस बिल में MSP कंही से है ही नही, सबसे बड़ी बात है कि एनडीए की सरकार बिहार और देश के अंदर बहुत अच्छे तरीके से काम कर रही है.

बिहार के किसान को भर्मित होने की जरूरत नही है, क्योंकि जिस कानून को लेकर कुछ बिचौलियों व दलालों के द्वारा किसान के नाम पर जो धरना प्रदर्शन हो रहा है, वो बिल्कुल निराधार है. क्योंकि उनका पहले जो मांग था कि MSP इस कानून के तहत जो लाया गया है उसको हटाया जाए. जबकि हमारे सरकार के द्वारा इस कानून में MSP है ही नही.