मुजफ्फरपुर: हड़ताल पर गए SKMCH अस्पताल के डॉक्टर

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार के मुजफ्फरपुर से एक बड़ी खबर आ रही है. मुजफ्फरपुर के सबसे बड़े अस्पताल एसकेएमसीएच के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं जिससे वहां विकट समस्या खड़ी हो गई है. SKMCH में ओपीडी काउंटर पूरी तरह से बंद कर दिया गया है. दूर-दराज से आए मरीजों और परिजनो को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. एक तरफ जहां बच्चों की एईएस से लगातार मौत हो रही है.

वहीं डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से मरीजों के प्रति उनकी संवेदना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. पश्चिम बंगाल के डाॅक्टरों के समर्थन में सोमवार को बिहार समेत देशभर में डाॅक्टर हड़ताल पर रहेंगे. आईएमए ने कहा है कि इमरजेंसी को छोड़कर बाकी स्वास्थ्य सेवाएं बंद रहेंगी. ओपीडी सहित सभी गैर जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं सोमवार सुबह 6 बजे से मंगलवार सुबह 6 बजे तक 24 घंटे बंद रहेंगी.

हालांकि, बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के महासचिव डाॅ. रंजीत कुमार ने बताया कि एईएस को लेकर एसकेएमसीएच, सदर और केजरीवाल अस्पताल के शिशु रोग विभाग को हड़ताल से अलग रखा गया है. बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ से जुड़े डॉक्टर निजी व सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी कार्यों का बहिष्कार करेंगे.

आपको बता दें कि पटना समेत पूरे बिहार में आज जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पर बुरा असर देखने को मिल रहा है. सच कहा जाए तो स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह से लाचार दिख रही है. सूबे के मुजफ्फरपुर में हड़ताल के कारण एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम यानि (AES) से हो रही मौतों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. अस्पताल में इलाज के लिए आए 100 बच्चों ने जहां दम तोड़ दिया है तो बीमार बच्चों की तादाद भी लगातार बढ़ रही है. इस बीच जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल ने अस्पताल की स्थिति और भी भयावह कर दी है. मुजफ्फरपुर के एसकेएमसीएच में 83 जबकि केजरीवाल अस्पताल में 17 बच्चे की मौत हुई है.

पटना के PMCH की बात करें तो इस अस्पताल में AES से अबतक 11 बच्चे भर्ती हुए हैं जबकि, फिलहाल 10 बच्चों का इलाज हो रहा है. इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई थी वहीं एईएस वार्ड में अभी भी कई बच्चे भर्ती, हैं जिनमें से 5 बच्चों की फिलहाल हालत गंभीर है.

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्कः बिहार में गर्मी कहर बरपा रही है. मौत का सिलसिला लगातार जारी है. भयंकर लू से मरने वालों की संख्या बढ़ रही है. अस्पताल पहुंचने वाले लू पीड़ित परेशान और बेहाल हैं. इसी बीच बिहार में 9 और लोगों की मौत हुई है. भीषण लू की वजह से. हीट वेब की मार झेल रहे बिहार में राहत की उम्मीद अभी कम है. मौसम विभाग भी कुछ सही से कह नहीं पा रहा है कि राहत कब तक मिल सकेगी. बारिश के आसार भी दिखाई नहीं दे रहे हैं.

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