आरजेडी में उपेक्षा से आहत थे मेरे पिता, बेटे सत्यप्रकाश सिंह ने रघुवंश बाबू के दुखी होने का यूं खोला कई राज…

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : दिवंगत रघुवंश प्रसाद सिंह के बेटे सत्यप्रकाश सिंह जेडीयू में शामिल हो गए. जेडीयू कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष अशौक चौधरी समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में सत्य प्रकाश सिंह पार्टी में शामिल हुए. इस मौके पर वशिष्ठ नारायण सिंह और अशोक चौधरी ने सत्य प्रकाश सिंह के आने से पार्टी को और मजबूत होने की बात कही.

जेडीयू ज्वाइन करने के बाद सत्य प्रकाश सिंह ने लाइव सिटीज के साथ खास बातचीत में कहा कि मेरे पिता जरूर आरजेडी में थे लेकिन उनकी बातों को तवज्जों नहीं दी जाती थी. सिर्फ नाम के पार्टी के उपाध्यक्ष थे. सारा डिसिजन तीन एकड़ में बैठकर होता था. आज आरजेडी में जो भी वरिष्छ नेता है उनकी क्या हालात है वो किसी से छिपी हैं क्या ?



सत्यप्रकाश सिंह ने पिछले दिनों की बातों का जिक्र करते हुए कहा कि जब पार्टी की ओर से राज्यसभा उम्मीदवार का चयन किया जा रहा था उस समय उनकी राय नहीं ली गयी. और ना ही गरीब सवर्ण आरक्षण बिल का विरोध करने के समय उनकी बातों को तवज्जों दी गयी. जब आरजेडी ने गरीब सवर्ण आरक्षण का विरोध करना शुरू किया तो उसका मेरे पिता ने विरोध किया. लेकिन उनकी बातों को दरकिनार कर दिया गया.

आरजेडी में राम सिंह की इंट्री पर सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि यह सब बाइ डिजाइन था. यह सब कोई एक दिन की बात नहीं है. पूरी प्लानिंग के तहत सारा काम किया गया, जिसका हमारे पिता विरोध करते रह गए. लेकिन उनकी ना सुनी गयी.

सत्यप्रकाश सिंह ने यह भी बताया कि दिल्ली में जब हमारे पिता इलाजरत थे उस समय उन्होंने पार्टी में बहुत कुछ गड़बड़ होने को लेकर पत्र लिखा. लेकिन उसकी अनदेखी कर दी गयी. जीवन के अंत समय में वो पार्टी के कार्यो से काफी झुब्ध हो गए थे. वो पार्टी नहीं बदलना चाहते थे लेकिन उनकी इच्छा संसदीय राजनीति से सन्यास लेने की हो गयी थी.