रोहतास और कैमुर के नामी नक्सली भोरिक यादव ने किया सरेंडर, 7 बंदूक समेत अन्य सामान पुलिस को सौपा

लाइव सिटीज, कैमुर/भभुआ(ब्रजेश दुबे):  सूबे में नई सरकार के गठन के बाद बड़ी तेजी से पूरे प्रदेश में अपराधिक घटनाएं जिस तरीके से घटित हो रही हैं सरकार ही नहीं पुलिस महकमा के शीर्ष अधिकारी भी सकते में आ गए हैं. लेकिन इस बीच कैमूर और रोहतास के नक्सली भोरिक यादव ने अपने शस्त्र और नक्सली ड्रेस के साथ सरेंडर कर दिया. उसने सात बंदुक, पांच नक्सली वर्दी शर्ट, 2 नक्सली पैंट, 6 गोली, दो लेवी वसूलने वाला रसीद एसपी को सौंपा.

कैमुर एसपी दिलनवाज अहमद के सामने नक्सली लिबास और साथ हथियारों के साथ सरेंडर किया. गुरुवार को बिहार के जिले में रोहतास के नक्सली भोरिक यादव ने एसपी अभियान के नितिन कुमार के सामने अपने शस्त्र और नक्सली लिबास के साथ सरेंडर कर दिया. उसने सात बंदुक, पांच नक्सली वर्दी शर्ट, 2 नक्सली पैंट, 6 गोली, दो लेवी वसूलने वाला रसीद सौपी है.



दिलनवाज अहमद, एसपी

नक्सली भोरिक यादव जो मूल रूप से रोहतास जिले का रहने वाला है. जिसने कैमुर पहाड़ी को अपना ठीकाना बना लिया था. कैमुर पहाड़ी बिहार झारखंड उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक फैली हुई है, यह पहाड़ी एक तरह से नक्सलियों का बसेरा है. कैमुर और रोहतास पहाड़ी पर भोरिक यादव ने अपना आतंक फैला रखा था. उसके ऊपर हत्या समेत कई नक्सली अपराधिक मामले दर्ज थे.

भोरिक यादव अपने पिता के हत्यारे को गोली मारने के बाद सासाराम जेल में बंद हुआ था तभी उसकी जान पहचान डीएफओ संजय सिंह हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त निराला यादव से हुई. निराला यादव के संपर्क में आने के बाद उसने नक्सली बनने का ठानी और अपने छोटे भाई के दमाद के साथ मिलकर नक्सली संगठन के नाम पर ठेकेदारों और व्यापारियों से रंगदारी और लेवी वसूलने का काम करने लगा. भोरीक यादव के सरेंडर के बाद कैमुर और रोहतास पुलिस ने राहत की सांस ली है.