बेऊर जेल में बंद नक्सली को आया हार्ट अटैक, इलाज के दरम्यान पीएमसीएच में हुई मौत

लाइव सिटीज,पटना/अमित जायसवाल : जेल में बंद एक कुख्यात नक्सली की मौत हो गई है. मरने वाले नक्सली का नाम मुसाफिर सहनी है. इसकी उम्र करीब 65 साल थी. पिछले 22 महीने से ये नक्सली पटना के बेऊर जेल में कैद था. जेल सुपरिटेंडेंट के अनुसार शुक्रवार की शाम में मुसाफिर सहनी ने सिने में तेज दर्द की शिकायत की थी.

जिसके बाद उसे तुरंत जेल के ही हॉस्पिटल में इलाज के लिए ले जाया गया. शुरुआती जांच में पता चला कि नक्सली मुसाफिर सहनी को हार्ट अटैक आया है. बगैर देरी किये शाम में ही जेल प्रशासन ने अपने एम्बुलेंस से बेहतर इलाज के लिए नक्सली को पीएमसीएच भेज दिया. लेकिन इलाज के दौरान देर रात एक बजे के करीब उसकी मौत हो गई.



मुसाफिर सहनी मूल रूप से वैशाली जिले के सदर थाना के तहत थथान गांव का  रहने वाला था. वो एक प्रतिबंधित नक्सली संगठन एक्टिव सदस्य था. इस कुख्यात नक्सली के ऊपर मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर सहित उत्तर बिहार के कई जिलों में एफआईआर दर्ज है. साथ ही एनआईए का भी एक केस इसके ऊपर दर्ज है. साल 2015 में एक ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत मुजफ्फरपुर से  एसएसबी और पुलिस टीम ने मुसाफिर सहनी को गिरफ्तार किया था. 

जेल सुपरिटेंडेंट के अनुसार 8 अक्टूबर 2018 को एनआईए के केस में मुसाफिर सहनी को पटना के बेऊर जेल में शिफ्ट किया गया था. उसी समय से इसका भतीजा दिलीप सहनी भी बेऊर जेल में कैद है. मुसाफिर का बेटा रोहित सहनी भी एक हार्डकोर नक्सली है. जो लंबे समय से भागलपुर जेल में बंद है. जबकि बहु भारती जमानत पर जेल से बाहर आ चुकी है.