मुंगेर : मसुदन के बाद नक्सलियों ने धरहरा व ऋषिकुंड में जमाया डेरा

मुंगेर(सुनील जख्मी): मसुदन रेलवे स्टेशन को आग के हवाले करने और स्टेशन के एएस एम  मुकेश कुमार व पोर्टर निरेद्र उफ नागेंद्र मंडल को अगवा किए जाने की बहुचर्चित घटना को अंजाम देने के बाद नक्सली धरहरा एवं ऋषिकुंड में अपना डेरा जमाए हुए हैं. अगवा किए गए दोनों रेल कर्मियों की रिहाई से इसके संकेत मिल रहे हैं .रेल कर्मियों की सकुशल रिहाई से परिजनों रेल व पुलिस विभाग ने राहत की सांस ली है. लेकिन जिस अंदाज में नक्सलियों ने दोनों को रिहा किया  जो नक्सलियों के बढे मनोबल को दर्शाता है.

सूत्रों की माने तो नक्सली लखीसराय के मधुसूदन रेलवे स्टेशन को जलाने  रेल कर्मियों को  अगवा किए जाने की घटना के बाद धरहरा के घने जंगल पहुंचे थे .वहीं से नक्सलियों ने रेलवे  पर रेल परिचालन को रोके रखने के लिए अगवा किए गए रेल कर्मियों के मोबाइल से ही लगातार दबाव बनाए हुए थे.हालांकि नक्सलियों ने हेडक्वार्टर मालदा डिवीजन को परिचालन रोके रखने के शर्त पर दोनों की सब कुशल रिहाई का जो  अपना वादा किया था.



उसे  नक्सलियो ने बखूबी निभाया . एएस एम मुकेश को माताडीह स्थित उसके घर के समीप पहाड़ के किनारे मुक्त किया गया ,वही पोर्टर नरेंद्र को ईस्ट कॉलोनी सहायक थाना के जगदिशपुर पहाड़ के समीप नक्सलियों ने सकुशल रिहा किया. रिहाई के लिए नक्सलियों ने गठित की थी  दो टीम- सूत्रों से पता चला है कि नक्सलियों के शीर्ष नेताओं के निर्देश पर घटना को अंजाम देने के बाद धरहरा के पहाड़ी इलाकों में दोनों रेल कर्मियों की रिहाई को लेकर ठोस रणनीति बनायी. सूत्र बताते हैं कि रिहाई के  नकसलियो ने दो  टीम गठित की थी .

दोनों टीमो में शामिल नक्सली अगवा किए गए दोनों रेलकर्मियों को धरहरा जंगल से लेकर पहाड़ी रास्तों से माताडीह पहुंचे .वहां मुकेश के साथ नक्सलियों की एक टीम तब तक रुकी रही,जब तक की दूसरी टीम नरेंद्र को लेकर ईस्ट कॉलोनी के जगदीशपुर पहाङ के समीप नहीं पहुंचे. दोनों को एक ही समय लगभग संध्या 3 बज के 30 मिनट पर दोनों को अलग-अलग स्थानों पर नक्सलियों ने रिहा किया .जगदीशपुर जमालपुर पोटर नरेंद्र कुमार का ससुराल पड़ता है.