एनडीए और महागठबंधन ने बेरोजगारी का बना दिया मजाक, दोनों खेमों पर खुल कर बरसे रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क :  बिहार विधानसभा चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण की वोटिंग 7 नवंबर को होने के आलोक में आज चुनाव प्रचार के आखिरी दिन सभी पार्टी के नेता एम-दूसरे पर आरोप के तीर चलाए जा रहे हैं. रालोसपा प्रमुख व पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार उपेंद्र कुशवाहा ने प्रेस कांफ्रेंस में महागठबंधन और एनडीए नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि राजद ने बेरोजगारी का मजाक बनाकर रख दिया है.

10 लाख लोगों को रोजगार देने की बात ऐसे कर रहे हैं मानों ऊंट के मुंह में जीरा का फोरन हो. कुशवाहा ने कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो बिहार में खुशहाली, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाएगा. उन्होंने बेरोजगारी को लेकर एनडीए पर भी तंज कसते हुए कहा कि आज भी लोग रोजगार के लिए बाहर जाकर काम करने के मजबूर हैं लेकिन सरकार उनके लिए कोई काम नहीं कर रही है. इससे यह स्पष्ट हो गया है कि दोनों ही खेमों ने बेरोजगारी के मुद्दे को मजाक बनाकर रख दिया है.



कुशवाहा ने एनडीए गठबंधन की एकता पर भी सवाल खड़े किये. उन्होंने कहा कि जब जेडीयू और बीजेपी दोनों के चुनावी एजेंडे अलग-अलग हैं तो दोनों पार्टियां साथ में चुनाव लड़ने की बात कैसे कर सकती हैं. 15 साल जनता ने नीतीश कुमार को दिए और उसके पहले 15 साल जनता ने लालू यादव को दिए लेकिन दोनों ही बिहार को आगे बढ़ाने में फेल हुए. उन्होंने कहा कि बीते 30 सालों के तर्ज पर अब जनता को नए व्यक्ति को मौका देना चाहिए. उन्होंने जनता से रालोसपा को भारी मतों से जीत दिलाने की अपील की.