दिल्ली में सीट शेयरिंग पर एनडीए में तेज हुई हलचल, चिराग को साथ लाने की अंतिम कवायद

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार विधानसभा चुनाव की डेट आते ही तमाम राजनीतिक दलों की धड़कनें तेज हो गई हैं. सीट शेयरिंग को लेकर हर दल और संभावित प्रत्याशी बेचैन हो गए हैं. न महागठबंधन में मामला क्लियर हुआ है और न ही एनडीए में यह फरियाया है. महागठबंधन में उपेंद्र कुशवाहा लगभग किनारे हो गए हैं, तो एनडीए में चिराग पासवान मुंह फुलाए बैठे हैं. ऐसे में दिल्ली में सीट शेयरिंग पर एनडीए में हलचल तेज हो गई है. लोजपा को मनाने का अंतिम प्रयास किया जा रहा है. बीजेपी इस कवायद में जुट गई है. दरअसल, जदयू ने लोजपा से खुद ही किनारा कर लिया है. कह भी दिया है कि सीट शेयरिंग पर लोजपा से जदयू कोई बात नहीं करेगा. पार्टी ने सुलह कराने की गेंद बीजेपी के पाले में डाल दी है.

शनिवार को सीट शेयरिंग पर दिल्ली में बीजेपी और जदयू के बीच बैठक होने वाली है. बताया जाता है कि बीजेपी के बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव दिल्ली में हैं और जदयू के सांसद ललन सिंह तथा आरसीपी सिंह भी वहीं हैं. सूत्रों की मानें तो दोनों पार्टियों के मिलने के पहले बीजेपी चाहती है कि लोजपा को भी साथ में रखें. इसे लेकर चिराग को अपने साथ लाने को लेकर बीजेपी कवायद शुरू कर दी है. हालां​कि, लोजपा की ओर से सीट शेयरिंग पर क्या रणनीति बनेगी, अभी इस पर पार्टी की ओर से किसी नेता ने पत्ता नहीं खोला है. हालांकि, चिराग ने शनिवार को राजनीति से जुड़ा शाम तक कोई ट्वीट नहीं किया है, जबकि शुक्रवार को उन्होंने ताबड़तोड़ कई ट्वीट किए थे.



बहरहाल, बीजेपी चिराग को साथ लाने में कितना कामयाब होती है, लोजपा उसकी बातों से कितना सहमत हो पाती है, अभी नहीं कहा जा सकता है. हालांकि, सीएम नीतीश कुमार ने कल पीसी में कहा था कि बीजेपी के साथ लोजपा है. मांझी भी एनडीए में बीजेपी के कहने पर ही आए हैं. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि रामविलास पासवान से मेरे अच्छे संबंध रहे हैं. ऐसे में एनडीए के गलियारे में चर्चा तेज हो गई है कि लोजपा को एनडीए से बाहर जाने नहीं दिया जाएगा.