NDA को अच्छे लगने लगे हैं नीतीश, अब मनोज तिवारी ने भी की तारीफ

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में सियासत नए रंग में दिखने लगी है. विपक्ष के तेवर बदलने लगे हैं तो सत्ताधारी दलों में विरोधाभास भी सामने आने लगी है. नीतीश के एक स्टैंड ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है. राष्ट्रपति चुनाव में बिहार के सीएम नीतीश कुमार का एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने पर एक ओर जहां महागठबंधन में बहस छिड़ गई है. वहीं एनडीए के नेताओं के सुर नीतीश के पक्ष में नरम हो गए हैं. एनडीए का हर नेता अब बिहार के सीएम नीतीश कुमार की तारीफ में लगे हैं. वरिष्ठ भाजपा नेता सुशील मोदी, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बाद दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी सीएम नीतीश की जम कर तारीफ़ की है. 

मनोज तिवारी ने कहा की सीएम नीतीश कुमार अच्छे व्यक्ति हैं. उनको जनता बहुत प्यार करती है. नीतीश कुमार अच्छे से समझते है कि देश हित में जनता क्या चाहती है. वो जनता के हित में फैसले करते हैं.  मनोज ने कहा कि अभी सीएम नीतीश को आगे और बड़े काम करने हैं.

मनोज तिवारी से पहले केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने भी नीतीश कुमार को सलाह दी है. और उनका भाजपा में आने का न्यौता भी दिया है. उन्होंने कहा कि यदि बिहार के सीएम नीतीश एनडीए में आना चाहें तो उनका स्वागत है.  

रामविलास पासवान ने कहा कि यदि नीतीश एनडीए के साथ मिल कर बिहार में सरकार चलाएं तो निश्चित तौर पर बिहार में अपराध में कमी आएगी.  उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को गठबंधन तोड़ कर अकेले चुनाव लड़ना चाहिए. उन्हें एक नाव की सवारी करनी चाहिए.

इधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने भी नीतीश कुमार के फैसले की तारीफ करते हुए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद पर तंज कसा था. राजद सुप्रीमो के ऐतिहासिक भूल वाले बयान पर तंज कसते हुए सुशील मोदी ने कहा था कि ऐतिहासिक भूल तो उस दिन हो गई थी, जब (नीतीश ने) जंगल राज वालों से हाथ मिला लिया था. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए रामनाथ कोविंद का समर्थन, उस भूल को सुधारने का पहला मौक़ा है. बता दें कि बार –बार सुशील मोदी भी नीतीश कुमार को आगाह करते रहे हैं कि महागठबंधन में जाने से नीतीश की छवि पर असर पड़ रहा है. इनके अलावा भी एनडीए के कई अन्य नेताओं ने भी नीतीश कुमार को एनडीए में शामिल होने का न्यौता दे रहे हैं.

लालू प्रसाद द्वारा दिए गए इफ्तार पार्टी में जहां सीएम नीतीश से कोविंद को समर्थन ने देने की अपील की जाने की बात कही गई थी. वहीं इफ्तार में शामिल होने के बाद सीएम नीतीश ने मीडिया के सामने दो टूक में अपने फैसले से अवगत करा राजद सुप्रीमो और विपक्ष को झटका दे दिया. जिसपर बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी ने भी पलटवार किया था. नीतीश और तेजस्वी के तेवर भी महागठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं होने के इशारे कर रहे हैं.

मालूम हो कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कई मौकों पर महागठबंधन से अलग हट कर केंद्र सरकार यानी एनडीए गवर्नमेंट के फैसले में हां से हां मिलाया है. नोटबंदी जैसे बड़े मुद्दे पर भी नीतीश कुमार ने बीजेपी का साथ दिया था. और आरजेडी के आंदोलन से खुद को अलग कर लिया था. नीतीश के इस फैसले के बाद राजद नेताओं ने नीतीश कुमार पर जम कर हमला बोलना शुरू कर दिया है. राजद विधायक भाई बीरेंद्र ने कहा है कि सीएम नीतीश ने सबको ठगने का काम किया है.

वहीं और भी कई राजद नेताओं ने नीतीश के फैसले पर नाराजगी जताई है.