एनडीए नेताओं का छलक रहा सियासी दर्द, अपनी हार के लिए भीतरघात को बताया कारण

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा नुकसान जेडीयू को हुआ है, जबकि बीजेपी को काफी फायदा हुआ. 2015 के चुनाव की तुलना में जेडीयू 71 से घटकर 43 पर आ गया. वहीं बीजेपी 55 से बढ़कर 74 पर पहुंच गयी. हालांकि, जेडीयू की तरह बीजेपी के भी कई दिग्गज नेताओं व मंत्रियों की हार हो गई. अब जाकर उन नेताओं का दर्द छलक रहा है. इसी कड़ी में जेडीयू के वरीय नेता व पूर्व मंत्री जयकुमार सिंह के बाद अब मुजफ्फरपुर से हारे पूर्व मंत्री सुरेश शर्मा का दर्द छलक गया है. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए अपनी पीड़ा बतायी.   

बीजेपी के वरीय नेता व पूर्व नगर मंत्री सुरेश शर्मा ने मीडिया से कहा कि भीतरघात के कारण उनकी हार हुई है. उन्होंने बीजेपी के अंदरखाने चल रही रणनीति पर सवाल उठाया है. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी के आलाकमान व वरीय नेताओं को संगठन के स्तर पर बड़ी समीक्षा करने की जरूरत है. साथ ही बीजेपी के भीतरघातियों की पहचान भी हो.



बीजेपी में घुस गया है कांग्रेसी कल्चर

सुरेश शर्मा ने दो टूक कहा कि बीजेपी में कांग्रेस कल्चर हावी हो रहा है. उन्होंने कहा कि खासकर उत्तर बिहार में और भी अच्छा प्रदर्शन की उम्मीद थी. शत प्रतिशत रिजल्ट आने की संभावना थी. लेकिन भीतरघात के कारण इस तरह के परिणाम सामने आए हैं. समस्तीपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर समेत अन्य जिलों में भीतरघातियों की पहचान करने की जरूरत है. कम से कम यह तो जानकारी मिले कि संगठन के अंदर खेल करने वाले कौन हैं? उन्होंने कांग्रेस कल्चर पर खुलकर बोलते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर के नेताओं से सहयोग लेकर घर से बूथ तक नहीं जाना ही कांग्रेस कल्चर है. उन्होंने पार्टी के जनप्रतिनिधियों की भूमिका की भी समीक्षा पर बल दिया. कहा कि वह अपनी बातों को राष्ट्रीय स्तर के फोरम पर भी रखेंगे, ताकि संगठन मजबूत हो सके.

जयकुमार सिंह ने बीजेपी व लोजपा पर फोड़ा ठीकरा

जेडीयू के वरीय नेता व पूर्व मंत्री जयकुमार सिंह ने भी अपनी पीड़ा बयां की. वे दिनारा से इस बार हार गए हैं. उन्होंने एक न्यूज चैनल से बात करते हुए बीजेपी और एलजेपी को हार के लिए जिम्मेदार ठहराया था. कहा कि चुनाव में लोजपा और बीजेपी का अंतर बताने में नेता नाकाम रहे. बीजेपी नेताओं की ओर से लोजपा को लेकर मैसेज भी क्लियर नहीं था. भ्रम की स्थिति बनी रही. इससे जेडीयू के अधिकतर नेता हार गए. उन्होंने यह भी कहा कि लोजपा का बीजेपी का हनुमान बताना पार्टी पर भारी पड़ गया. हमने पार्टी फोरम पर इन बातों को रखा है. वहीं, पूर्व मंत्री रंजू गीता ने भी कहा कि हमने अपनी बातों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामने रखी है. हमें कई मोर्चों पर लड़ना पड़ा है. शेरघाटी से लड़े पूर्व विधायक विनोद यादव ने तो यहां तक कहा कि हमें विश्वास ही नहीं था कि हम हार जाएंगे. हमने भी अपनी बातों को सीएम के समक्ष रखा है. हालांकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या बातें रखीं.