महागठबंधन की मानव श्रृंखला को एनडीए नेताओं ने बताया फ्लॉप, कहा- जनता ने दिया नकार

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : महागठबंधन की ओर से बनायी गयी मानव श्रृंखला को एनडीए ने फ्लॉप करार दिया है. किसानों के समर्थन में पूरे बिहार में महागठबंधन की ओर से मानव श्रृंखला बनायी गयी थी. जिसे जेडीयू और बीजेपी ने मानव रहित श्रृंखाल की संज्ञा दी. जेडीयू के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व वरिष्ठ नेता वशिष्ठ नारायण सिंह ने आरजेडी के नेतृत्व में बनायी गयी मानव श्रृंखला पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष की मानव श्रृंखला को प्रदेश की जनता ने नकार दिया. मानव रहित श्रृंखला के बारे में कुछ भी कहना सहीं नहीं.

उधर बीजेपी नेता व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मानव श्रृंखला पर निशाना साधते हुए कहा कि मानव के बिना श्रृंखला बनी थी.  जो लोग जनता की भावना को नहीं समझते वह जनता का भला क्या करेंगे. यही कारण है कि तेजस्वी यादव जो कि जनता की भावना नहीं समझते उन्हें जनता नहीं समझती. यह मानव श्रृंखला साफ तौर पर फ्लॉप रहा, क्योंकि राजद कार्यालय के बाहर भी यह ह्यूमन चेन नजर नहीं आया.



बता दें कि पटना समेत पूरे बिहार में किसानों के समर्थन और तीनों नये कृषि कानून के विरोध में आरजेडी के नेतृत्व में महागठबंधन की ओर से मानव श्रृंखला बनायी गयी थी. पटना के बुद्ध स्मृति पार्क के पास तेजस्वी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मानव श्रृंखला में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने किसानों का समर्थन करते हुए केन्द्र सरकार पर निशाना साधा.

इस मौके पर तेजस्वी यादव ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाया कि कृषि कानूनों के जरिए किसानों की जमीन पूंजीपतियों को सौंपने की तैयारी है. बचपन से जय जवान-जय किसान का नारा सुनते आए थे लेकिन, भाजपा सरकार फंडदाताओं के लिए जवान और किसान को ही आपस में लड़वा रही है. महागठबंधन शुरुआत से किसानों के संघर्ष में साथ खड़ा है. तेजस्वी ने कहा कि सरकार यह भूल गई है कि जवान भी किसान परिवारों से ही हैं. उनमें भी आक्रोश है.

तेजस्वी ने दावा किया कि जब राजद की सरकार थी तो एमएसपी से भी अधिक दाम में फसल खरीद हुई थी. नीतीश कुमार ने 2006 में मंडी व्यवस्था खत्म की तो किसान मजदूर बन गये. अगर केंद्र के कृषि कानून लागू हुए तो किसान भिखारी बन जाएंगे. उन्होंने कहा कि महागठबंधन के साथी पूछना चाहते हैं कि मुख्यमंत्री चुप क्यों हैं. उन्हें बताना चाहिए कि तीनों कृषि कानून किसानों के हित में हैं या नहीं. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सरकार लोकतंत्र का गला घोंटने में लगी है. हम लोग एकजुट होकर जनहित के मुद्दों पर आवाज बुलंद करते रहेंगे.