‘पहले अपने घर को बचाएं आरजेडी’ श्याम रजक के दावे पर एनडीए ने दिखा दिया आईना

लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क : जेडीयू में बहुत जल्द एक बड़ी टूट होगी. आरजेडी नेता व पूर्व मंत्री श्याम रजक के इस दावे पर पलटवार करते हुए डिप्टी सीएम रेणु देवी ने कहा कि ‘अपनी पार्टी को टूट से बचाने के लिए श्याम रजक इस तरह के बयान दे रहें’ ‘हमारा मुखिया इतने मजबूत है, कि किसी के तोड़ने से नहीं टूटने वाले हैं. एनडीए या इसके किसी घटक दल में टूट की बात गलत है’ आरजेडी अपने घर की चिंता करें, दूसरे के घर में ताक झांक ना करें’

उधर जदयू के विधान पार्षद व पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने आरजेडी नेताओं पर सीधा हमला किया है. उन्होंने कविता के माध्यम से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए उन्हें फिर मचिया का दूत बताया है. लगे हाथ नीरज कुमार ने पूर्व मंत्री श्याम रजक को भी कविता के घेरे में लिया है. उन्होंने कहा कि दफा 420 के आरोपी मचिया के दूत तेजस्वी यादव प्रकट हुए, पर इन पर सत्ता का भूत हावी है. जबकि उदय नारायण चौधरी और श्याम रजक ऑफर बांटते फिर रहे हैं.



नीरज कुमार की कविता….

प्रकट हुए मचिया के दूत

चढ़ा जैसे सत्ता के भूत

श्याम-चौधरी आगे आगे

ऑफर बांटे भागे भागे

सीएम देकर पीएम ले लो

जनता की उम्मीदों से खेलो

मगर जिस दागी को त्यागी जनता

आखिर वो सीएम कैसे बनता

तुम सत्तालोलुप ठहरे बाबू

दिवास्वप्न पर रखो काबू

सीएम पीएम के सपने मत पालो

ज्योतिष से तुम दिखवा लो

दरअसल अरूणाचल विवाद को लेकर बिहार में जेडीयू और बीजेपी के बीच रिश्ते कुछ तल्ख क्या हुए आरजेडी सरकार बनाने के लिए चाल पर चाल चलने लगा. पहले नीतीश कुमार पर आरजेडी की ओर से डोरे डाले गए, लेकिन बात नहीं बनी. बात नहीं बनता देख पार्टी की ओर से एक और नया दांव खेला गया है. आरजेडी नेता श्याम रजक ने दावा किया कि जेडीयू के 17 विधायक हमारे डायरेक्ट संपर्क में हैं. आरजेडी में आने के लिए किसी भी वक्त तैयार है.

श्याम रजक ने डंके की चोट पर कहा कि जेडीयू में बहुत जल्द एक बड़ी टूट होने वाली है. नीतीश कुमार के 17 विधायक मेरे संपर्क में है. वो लोग 28 विधायकों के टूटने का इंतजार कर रहे हैं. जैसे ही इनकी संख्या 25,26 हो जाएगी तो ये लोग खुले तौर पर आरजेडी में आने का ऐलान कर देंगे.

वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सभी को धोखा देने का आरोप लगाते हुए श्याम रजक ने कहा कि उन्होंने किसी को नहीं छोड़ा. बीजेपी, आरजेडी और जनता को कई बारनीतीश कुमार ने धोखा देने का काम किया है. अपनी कुर्सी के बचाने के लिए वो कुछ भी कर सकते हैं.

श्याम रजक की बातों में कितनी सच्चाई है यह तो समय आने पर पता चलेगा. लेकिन यह सही है कि दल-बदल कानून के तहत एक पार्टी को तोड़ने के लिए कम से कम दो तिहाई विधायक होने चाहिए. बिहार विधानसभा में जदयू के 43 विधायक हैं. जिसके मुताबिक आरजेडी को कम से कम 28-29 विधायकों को अपने पक्ष में लाना होगा. तभी उनपर दलबदल कानून नहीं लागू होगा. अन्यथा उनकी विधायकी भी जा सकती है.