नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने कराई कोविड जांच,कोरोना मुक्त शपथग्रहण समारोह

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : नीतीश कुमार ​एक बार फिर सत्ता में आ गए. राजभवन में शाम साढ़े बजे समारोह हुआ. लेकिन, वे सब इसके पहले ही अपने-अपने निर्धारित समय पर पहुंच गए. इस समारोह में कोरोना संकट का असर भी देखा गया. शपथग्रहण समोराह पूरी तरह कोरोनामुक्त वातावरण में हुआ. इसे लेकर कई जरूरी कदम उठाए गए.

समारोह में शामिल होने के पहले सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों का कोरोना टेस्ट कराया गया. इतना ही नहीं, दिल्ली समेत अन्य प्रदेशों से आने वाले अतिथियों के लिए एयरपोर्ट पर ही जांच की व्यवस्था की गई थी.



मिल रही जानकारी के अनुसार, राजभवन के मुख्य द्वार पर गेस्ट की थर्मल स्क्रीनिंग और हैंड सैनिटाइजेशन की व्यवस्था की गई थी. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेवारी दी गई थी. जांच के लिए एएनएम को तैनात किया गया था. इसकी निगरानी व सुरक्षा व्यवस्था के लिए अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी.

खास बात कि राजभवन में दीवाली बाद नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए जनप्रतिनिधियों ने शनिवार से ही जांच करानी शुरू कर दी थी. वहीं कई नेताओं ने रविवार को भी अपना सैंपल दिया था. स्वास्थ्य विभाग की जानकारी के अनुसार, किसी भी जनप्रतिनिधि की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं मिली है.

बता दें कि नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही आज से ही एक्शन में आ गए. उन्होंने विधानमंडल का शीतकालीन सत्र बुलाया है. जानकारी के अनुसार, शपथग्रहण समारोह के बाद अपने पहले आदेश में 23 नवंबर से विधानमंडल का शीतकालीन सत्र बुलाया है. यह सत्र काफी संक्षिप्त होगा.

यह सत्र 27 नवंबर तक चलेगा. उधर, गठित नए कैबिनेट में सभी समुदायों को साधने की कोशिश की गई है. आंकड़े बताते हैं कि नीतीश कुमार समेत 15 विधायकों में सवर्ण समुदाय से 5, पिछड़ा वर्ग से 7 और दलित समुदाय से 3 नेताओं को मंत्री बनाया गया. इसमें सबसे उम्रदराज मंत्रियों में बिजेंद्र यादव हैं, तो सबसे युवा मंत्री मुकेश सहनी हैं.