मौसम की सटीक जानकारी के लिए बिहार का कर्नाटक से करार, कई जिलों को होगा फायदा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार सरकार ने कर्नाटक सरकार के साथ एक करार किया है. बिहार सरकार ने मौसम के परिर्वतन की जानकारी के लिए करार किया है. इससे नालंदा, पूर्वी चंपारण, सुपौल, गया और अरवल समेत करीब सभी जिलों का फायदा होगा. अरवल समेत सभी जिलों में टेलीमेट वेदर स्टेशन लगेगा. इससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी मिलेगी.

आपको बता दें कि बिहार सरकार मौसम से निपटने के लिए कई उपाय कर रहे हैं. अगर बिहार सरकार को कर्नाटक सरकार के साथ करार हो जाता है तो इससे सभी जिलों को बहुत ही फायदा मिलने वाला है. खासकर किसानों को काफी राहत मिलेगी. बिहार में ऐसे भी बारिश कम ही पड़ती है. बिहार में लू का प्रकोप ज्यादा देखने को मिलता है. अभी इस साल लू से मरने वालों की संख्या करीब 100 के आसपास पहुंच चुकी है.

बिहार में भीषण गर्मी और लू की चपेट में आने से अब तक कई लोगों की मौत ने कोहराम मचा दिया है. आपको बता दें कि बिहार के गया जिले को सबसे ज्यादा तपने वाला जिले माना गया है. इसको देखते हुए सोमवार को गया के डीएम ने यहां धारा 144 लागू कर दिया है. इसी को देखते हुए औरंगाबाद में लू से हो रही मौतों को देखते हुए लोगों ने भगवान को याद किया है. दरअसल औरंगाबाद में लू से अब तक 36 लोगों की मौत हो गयी है.

आपको बता दें की सोमवार को गया में धारा-144 लगाये जाने के बाद मंगलवार को राज्य के पांच अन्य जिलों गोपालगंज, जहानाबाद, सीतामढ़ी, मधुबनी और दरभंगा में भी जिला प्रशासन ने धारा-144 लगा दी है. इस आदेश के तहत सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सरकारी और गैर-सरकारी निर्माण पर रोक लगाई गई है. साथ ही 11 बजे से शाम 4 के बीच खुले जगहों पर समारोह आयोजित कराने पर भी रोक लगा दी गई है.

बता दें कि सबसे पहले गया में धारा 144 लगाई गई थी. गया जिले की गिनती बिहार के सबसे गर्म जिले के तौर पर होती है. पूरे सूबे में जहां भीषण गर्मी और लू से अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

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