सीएम योगी बोले- बिहार में लालटेन की धुंधली लाइट में होता था लूट खसोट

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ बुधवार को देर रात पटना साहिब से भाजपा उम्मीदवार रविशंकर प्रसाद के लिए चुनावी रैली को संबोधित किया था. योगी आदित्यनाथ ने रविशंकर प्रसाद को राम मंदिर का पैरोकार बताते हुए बिहार की राजधानी के लोगों से पटना साहिब संसदीय क्षेत्र में प्रसाद के पक्ष में मतदान करने की अपील की है. सीएम ने एक चुनावी सभा के दौरान कहा कि तीन तलाक पर लगाम लगाना और डिजिटल इंडिया के तहत संपर्क बेहतर बनाना भी केंद्रीय मंत्री की उपलब्धियों में शामिल है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि वह न सिर्फ राम मंदिर के पैरोकार हैं बल्कि तीन तलाक के रिवाज पर हमला कर ‘आधी आबादी’ के लिये न्याय सुनिश्चित करने का भी काम उन्होंने किया है. योगी ने कहा कि मैं शुक्रगुजार हूं कि आपने मुझे सुनने के लिए इतनी देर तक इंतजार किया. मेरे लिए यहां आना जरूरी था क्योंकि आप एक ऐसे व्यक्ति को चुनने जा रहे हैं जिसकी देश भर में लाखों राम भक्तों को जरूरत है.

पटना साहिब संसदीय क्षेत्र में प्रसाद का मुकाबला मौजूदा सांसद और कांग्रेस उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा से है. प्रसाद अयोध्या मामले में एक याचिकाकर्ता के वकील थे जिस पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 2010 में फैसला सुनाया था. इस फैसले के खिलाफ एक याचिका उच्चतम न्यायालय में लंबित है. उन्होंने कहा कि कानून मंत्री के तौर पर उन्होंने तीन तलाक को कैद के साथ दंडनीय बनाने वाले अध्यादेश को पेश करने में अहम भूमिका निभाई. इस अध्यादेश का जदयू जैसे राजग सहयोगियों ने भी विरोध किया था बाद में इस पर संसद में विधेयक लाया गया और वहां भी इसे कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था.

यूपी के सीएम और गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर के महंत योगी ने सूचना प्रोद्योगिकी और दूरसंचार जैसे अहम विभाग संभालने वाले प्रसाद की सराहना की. योगी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा और कहा कि आज मैं एक ऐसे प्रदेश (पश्चिम बंगाल) से आ रहा हूं जहां कानून-व्यवस्था चरमरा गयी है, अव्यवस्था है और लोकतंत्र की आड़ में तानाशाही है.

योगी ने ये बातें ऐसे वक्त की हैं जब चुनाव आयोग ने कोलकाता में भाजपा और तृणमूल समर्थकों के बीच हुई हिंसा के मद्देनजर पश्चिम बंगाल में प्रचार अभियान की अवधि को घटा दिया है. भाजपा नेता ने दावा किया कि इस हफ्ते पश्चिम बंगाल में उनकी तीन रैलियां निर्धारित थीं, लेकिन इसकी मंजूरी नहीं दी गई. उन्होंने कहा कि काफी जद्दोजहद के बाद मुझे बुधवार को रैलियां करने की मंजूरी मिली और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गयी कि आदेश मेरे पास इतनी देर से पहुंचे कि मेरे लिये वहां पहुंचना मुश्किल हो जाए. इसके बावजूद यहां आने से पहले मैंने रैलियों को संबोधित किया.

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