दो घंटे की बारिश में विधानसभा नहीं, नीतीश सरकार का विकास डूब गया !

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : जहां से बिहार के भविष्य निर्धारण होता है. जिस मंदिर में बैठते हैं मुख्यमंत्री, मंत्री और तमाम विधायक. यहीं से बैठककर राज्य के भविष्य का फैसला लेते है. वहीं जगह अब तालाब बन गया है. वो भी थोड़ी सी बारिश से.

यह बिहार विधानसभा हैं. लोकतंत्र का यह मंदिर अब तालाब सा दिखता है. परिसर में बारिश का पानी इस कदर जमा हो गया है कि यहां काम करने वाले स्टाफ को भी मंदिर में आने में दिक्कतें हो रही है. वो भी थोड़ी सी बारिश के कारण.



बिहार की राजधानी पटना में स्थित विधानमंडल परिसर थोड़ी सी बारिश में तालाब बन गया हैं तो प्रदेश के दूर दराज इलाके की क्या हश्र होगी इसकी कल्पना कर भी लोगों की रूह कांप जाती है. सिर्फ विधानसभा परिसर ही नहीं बल्कि सचिवालय भी पूरी तरह से तालाब में तब्दील हो चुका हैं.

सचिवालय में बारिश का पानी इस कदर जमा हो चुका है कि यहां आने जाने वाले लोगों को भारी दिक्कत हो रही है. ये तस्वीरें सरकार की तैयारी को मुंह चिढ़ाती नजर आती है. नगर विकास मंत्री के उन दावों की सच्चाई की पोल खोलती नजर आती हैं.

यह तस्वीर शायद नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा देख रहे हैं या नहीं. लेकिन जो भी देख रहा है वह यही कह रहा है कि जब लोकतंत्र के मंदिर ही हल्की बारिश में डूब जा रही हैं तो अन्य जगहों की क्या तस्वीर होगी इसकी कल्पना कर ही मन सिहर उठता हैं.

पिछले साल भी पटना में जलजमाव को लेकर नीतीश सरकार की काफी फजीहत हुई थी. खुद डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी जल कैदी बन गए थे. उन्हें रेस्क्यू कर मुक्त कराया गया था. पूरे पटना की सड़कों पर नाव चल रही थे. पटना के कई इलाके में लोग अपने ही घरों के छतों पर भूखे पेट रातें बिताने को मजबूर हो गए थे.

राजधानी पटनी की यह तस्वीर की भर्त्सना खूब हुई थी. राष्ट्रीय स्तर पर बिहार की किरकिरा होता देख इसबार सरकार की ओर से जलजमाव निकासी को लेकर मुकम्मल तैयारी करने का दावा किया गया था. लेकिन बिहार विधानमंडल और सचिवालय का तालाब में तब्दील होने की तस्वीर सारे पोल को खोलकर रख दे रही है.