मुजफ्फरपुर के कांटी में नीतीश कुमार ने की चुनावी सभा, जेडीयू प्रत्याशी मोहम्मद जमाल के लिए मांगा वोट

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : मुजफ्फरपुर के कांटी विधानसभा क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी व जेडीयू नेता मोहम्मद जमाल के पक्ष में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनावी सभा की. विधानसभा क्षेत्र के गांधी उच्च विद्यालय मडवन में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सीएम नीतीश कुमार ने लोगों से एनडीए प्रत्याशी को जीताने की अपील की. सरकार की उपलब्धियों को गिनाया, साथ ही बगैर नाम लिए विपक्ष पर जमकर निशाना साधा.

उन्होंने कहा कि कोई इलाका, कोई तबका ऐसा नहीं हैं जिसके उत्थान के लिए हमने काम नहीं किया. समाज के हाशिए पर लोगों को मुख्य धारा में जोड़ने का काम किया गया. लालू-राबड़ी शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि याद कीजिए उस समय कितने संप्रदायिक हिंसा, सामूहिक नरसंहार, अपहरण, हत्या, लूट जैसी घटनाएं होती थी. लेकिन हम लोगों ने सबसे पहले अपराध पर नियंत्रण करने का काम किया.



इसी बीच भीड़ से मुर्दाबाद के नारा लगा रहे लोगों की ओर इशारा करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि जिसकी जिंदाबाद कह रहे हो उसको सुनने के लिए जाओं, यहां हमको मालूम है जिसको ना ज्ञान है ना कुछ अनुभव उसकी के तुम लोग आदमी हो . तुम 8-10 लोग हो, कम उम्र के बच्चे हो, क्या हाल था उस समय अपने माता पिता से पूछो. उस समय स्कूल में पढ़ाई होती थी क्या. अस्पताल में कोई इलाज के लिए जाता था क्या. पहले जान लो पूछ लो घर के अंदर, पिता ठीक नहीं बताएगा लेकिन माता बताएगी.

उन्होंने कहा कि पति अंदर गए तो पत्नी को बैठा दिया. हमलोगों को काम करने का मौका मिला तो पंचायत चुनाव और नगर निकाय में महिलाओं को 50 फीसदी आरक्षण दिया गया. सरकारी नौकरी में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया.

कुछ लोगों को हमसे बड़ा चिढ़ है. महिलाओं की मांग पर हमने शराबबंदी लागू किया. अब धंधेबाज लोग हमको हटाने का साजिश रच रहा है. वहीं धंधेबाज लोग हमारे खिलाफ गोलबंदी कर रहा है. लेकिन इससे हमको कोई फर्क नहीं पड़ता है. उस समय कोई घर से बाहर नहीं जाता था. पहले कोई रास्ता नहीं था.

गांवों के अंदर पहले स्कूल दिखता नहीं था. लेकिन आज तस्वीर बदल गयी है. गरीबी के कारण जो बच्चा स्कूल नहीं जा पाता था उसे टोला सेवक, तालिमी मरकज की सहायता से विद्यालय तक पहुंचाया गया. युवाओं के लिए स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना, कौशल विकास योजना, स्वयं सहायता भत्ता योजनाएं चलायी गयी.

पहले जो बिजली का व्यवस्था खराब थी, उसके ठीक किया गया. 15 साल से राज करने वालों के शासनकाल में बिजली की खपत मात्र 700 मेगावाट थी अब 6000 मेगावाट बिजली खपत हो रही है. हर घर पक्की गली और नाली का निर्माण कराया गया.

एससी, एसटी, पिछड़ा, अति पिछड़ा जाति के लोगों को रोजगार के लिए 10 लाख अनुदान दिया गया. औद्योगिक नीति में सुधार किया गया, ताकि किसी को मजबूरी में बिहार के बाहर नहीं जाना पड़े. पहले आपदा के बारे में पहले किसी को कोई जानकारी नहीं थी. लेकिन हम लोगों ने आपदा से निपटने के लिए योजना बनायी.

आपदा के कारण 2020 के जून-जुलाई में 19 जिला प्रभावित हुआ, पीड़ितों को राहत के लिए कई योजनाएं चलायी गयी. कोरोना काल में आपदा पीड़ित को किसी प्रकार की दिक्कत ना हो इसका पूरा ख्याल रखा गया. प्रति पीड़ित परिवार को 6 हजार रूपया दिया गया. 24 अक्टूबर 2020 तक 22 लाख 23 हजार बाढ़ पीड़ित परिवार को सहायता राशि दी गयी.

पहले कोई राहत काम नहीं होता था. बच्चे खासकर जान लें, 2008 में कोसी त्रासदी आयी थी, 2.5 करोड़ लोग प्रभावित हुई थी. कोसी कमिश्नरी में एक-एक जगह पर 10-10 हजार लोगों को रखकर काम किया गया. सभी तक राहत पहुंचाया गया. पूरे देश में इस काम की सराहना की गयी.

जिन लोगों को काम करने कोई अनुभव नहीं है, उनसे सचेत रहिएगा. हमलोगों ने काम किया है, मौका मिलेगा तो आगे भी विकास का काम करेंगे. हर गांव में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाया जाएगा. जो भी काम हुआ है उसका अनुरक्षण कराया जाएगा. हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचायी जाएगी.

हर शहर, हर बाजार में बाइपास बनाएंगे, नई तकनीक से युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा. हर जिले में मेगा स्कील सेंटर खोला जाएगा. 8-10 पंचायत पर एक पशु अस्पताल खोला जाएगा, पशुओं की दवा मुफ्त दी जाएगी. कृषि रोड मैप बनाकर काम किया गया. मौसम के अनुकूल खेती के लिए प्रेरित करने का काम किया जाएगा. 8 जिलों में काम शुरू हो गया है.