जो लोग दारु का धंधा करते हैं वह शराबबंदी से नाराज हैं, उनकी मंशा है हम किसी तरह जायें: नीतीश कुमार

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: बिहार के सहरसा के सोनवर्षा में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नयी पीढ़ी के लोगों को इस बात की जानकारी जरुर मिलने चाहिए. क्या हाल था, कहां से कहां पूरे इलाके को पहुंचाया. अगर फिर से वैसे लोगों को काम करने का मौका मिला जो समाज में कोई काम नहीं किया है अगर वैसे लोग फिर से आए तो सबका नाश हो जाएगा, सब चीज नष्ट हो जाएगा.

साथ ही उन्होंने विरोधियों पर निशाना साधने का एक भी मौका नहीं छोड़ा. हमने महिलाओं के कहने पर शराबबंदी लागू किया. कुछ लोग हमसे सबसे ज्यादा नाराज हैं. जो धंधेबाज हैं, दारु का धंधा करते हैं. वही लोग बायां दांया कर के चाहते हैं हम किसी तरह चले जायें. महिलाओं का क्या बुरा हाल होता था. जब शराबबंदी लागू किया तब एक महिला से बात हुई. उसने बताया कि जब से शराबबंदी लागू हुई है तब से मेरे पति ने शराब पीना छोड़ दिया है.



उन्होंने कहा कि अगर मौका मिला तो न्याय के साथ विकास होगा. हर इलाके के विकास के लिए काम किया. महिलाओं की कोई प्रतिष्ठा नहीं थी. अति पिछड़े वर्ग की कोई इज्जत नहीं करता था. हर वर्ग को अवसर दिया गया, जिसका परिणाम यह हुआ कि बड़े पैमाने पर सब जन प्रतिनिधि के रूप में काम करने लगे. किसी की कभी उपेक्षा नहीं की है.

नीतीश ने आगे कहा कि भष्टाचार के मामले में लोग अंदर गए. और अब अपराध के मामले में कमी आई है. अपराध के मामले में बिहार का आंकड़ा घटकर 23वें स्थान पर पहुंच चुका है. प्रति व्यक्ति आय में 10 प्रतिशत वृद्धि हुई है. जिनको काम करने का मौका उन्होंने कोई कम नहीं किया है. लेकिन अब बजट भी बढ़ रहा है. लोगों को समय पर तनखा नहीं मिलता था. हमारे आने के बाद स्थिति सुधर गयी. पहले आपदा के वक़्त में कितना नुक्सान होता था.

नीतीश कुमार ने आगे कहा कि कुछ लोगों को अपने परिवार से ही मतलब रहता है. हमारे लिए तो पूरा बिहार ही परिवार है. हमने हर इलाके का विकास, हर वर्ग का उत्थान. महिलाओं का विकास, अति पिछड़ों का विकास हुआ. अल्पसंख्यक लोगों का उत्थान हुआ. जब हमें मौका मिला तब हमने महिलाओं को आरक्षण दिया. तीन बार चुनाव के बाद पंचायती और नगर निकायों में महिलाओं में जागृति आई है.

लड़कियों के लिए पोशाक योजना, साइकिल योजना. महिलाओं को जागरूक करने के लिए जीविका समूह का लक्ष्य पूरा किया गया. महिलाओं के उत्थान के लिए काम किया गया. सड़क, स्कूल अस्पताल का काम किया गया. नयी पीढ़ी के बच्चों बच्चियों को हर चीज की जानकारी होनी चाहिए.

पहले कितनी खराब हालत थी पुल की सड़कों की. सड़कों का चौडीकरण हुआ, पुलों का निर्माण, नेशनल हाईवे का चौडीकरण. नए पुलों का निर्माण. स्टेट हाईवे से लेकर हर तरह का काम हो रहा है. काम करते रहे हैं. काम करने का जब मौका मिला तब हमने कहा था संस्थाओं की कमी थी. हर जिले में जीएनएम संस्थान, इंजिनियरिंग संस्थान का निर्माण हुआ.

महिलाओं के लिए सरकारी सेवाओं में आरक्षण, पुलिस बल में 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया है. बिहार में जितनी महिलायें पुलिस बल में हैं शायद ही किसी राज्य में होंगी. हर घर बिजली पहुंची. लालटेन का जमाना गया. खेती और सिंचाई के लिए बिजली का उपयोग होता है. अब बिजली की खपत 6000 मेगावाट हो गया है.

हर घर पीने का पानी, सड़क, नल का जल पर काम चल रहा है. हर घर में शौचालय. हर तरह का काम हो रहा है. हर गली तक पक्की गली और नाली का निर्माण.