नीतीश दोबारा शुरु करेंगे जनता दरबार, सीधे करेंगे उनका निदान.


लाइव सिटीज,सेंट्रल डेस्क: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता दरबार का आयोजन कर काफी सुर्खियां बटोर चुके हैं. जनता से सीधे संवाद कर उनकी परेशानियां दूर करते रहे हैं. बिहार की राजनीति में एक नया इतिहास रचते हुए नीतीश कुमार ने दो दशक में सातवीं बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की है. सोमवार को राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल फागू चौहान ने नीतीश कुमार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.



इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा जैसे राजग के शीर्ष नेता मौजूद थे. यही नहीं, इस बार नीतीश के अलावा 14 अन्‍य लोगों ने मंत्री पद की शपथ ली है. जिसमें भाजपा विधानमंडल दल के नेता तारकिशोर प्रसाद और उपनेता रेणु देवी के अलावा विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी, मंगल पांडे आदि शामिल हैं.

इस बार भाजपा से सात, जदयू से पांच, हम और वीआईपी से एक-एक मंत्री बना है. सूत्रों के मुताबिक बिहार के मुख्‍यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार जनता दरबार शुरू करेंगे. इसके माध्‍यम से वह जनता से विकास कार्यों की फीडबैक लेंगे.

2005 में शुरू किया था जनता दरबार
आपको बता दें कि नीतीश कुमार ने 2005 में जनता दरबार की शुरुआत की थी. जो कि खूब चर्चा में रहा था. यही महीने के हर सोमवार को पटना में आयोजित किया जाता था और इसमें बिहार के सभी जिलों के लोग पहुंचते थे. जनता के दरबार में मुख्यमंत्री के साथ मंत्री और सचिव दोनों रहते थे. इस जनता दरबार के सहारे नीतीश कुमार को पूरे राज्‍य के विकास के बारे में जानकारी मिलती रहती थी. लेकिन इसे 2016 में बंद कर दिया गया. फिर से जनता दरबार शुरू करने की खबर ने लोगों में दिलचस्‍पी पैदा कर दी है. वहीं नीतीश कुमार भी अपनी इस कवायद से राज्‍य के सभी जिलों के लोगों से संवाद कर सकेंगे. वैसे भी जदयू को इस बार 43 सीटों पर जीत मिली है जो कि उसका खराब प्रदर्शन है. भाजपा ने 74 पर बाजी मारी है. वहीं, एनडीए के अन्‍य साथी हम और वीआईपी ने चार-चार सीट जीतने में कामयाबी हासिल की है.