नीतीश का नेतृत्व लोजपा को स्वीकार नहीं, दिल्ली की बैठक में ललन सिंह के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : दिल्ली में लोजपा सांसदों की बैठक खत्म हो गयी. बैठक में पार्टी कितने सीटों पर चुनाव लड़ेगी इसको लेकर कोई फैसला नहीं हुआ. बल्कि पार्टी सांसदों ने नीतीश कुमार का खुलकर विरोध किया. चिराग पासवान के साथ चर्चा के दौरान सांसदों ने नीतीश के नेतृत्व पर ही सवाल खड़े कर दिए.

सीएम नीतीश के खिलाफ लोजपा सांसद काफी आक्रोशित दिखे. इनलोगों ने नीतीश सरकार के कामों का विरोध किया. सांसदों की माने तो बिहार में जितना काम होना चाहिए था उतना नहीं हुआ है.



बैठक में यह भी बात उठी की बिहार में बीजेपी को बड़े भाई की भूमिका में रहना चाहिए. वहीं जेडीय सांसद ललन सिंह के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया. ललन सिंह के कालीदास वाले बयान की निंदा लोजपा सांसदों ने किया.

लोजपा सांसदों की बैठक में पार्टी के दो पूर्व सांसद सूरजभान सिंह और काली पांडे ने हिस्सा लिया था. पूर्व सांसद काली पांडेय ने यहां तक कहा कि जेडीयू के प्रत्येक प्रत्याशी के खिलाफ लोजपा को अपना उम्मीदवार मैदान में उतारना चाहिए.

दलितों को 3 डिसमील जमीन देने के मुद्दे पर पार्टी सांसदों ने कहा कि नीतीश सरकार ने इस वादों को भी नहीं पूरा किया है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में कार्यकर्ता, नेता और मंत्री को कोई अहमियत दी गयी. अफसरशाही पूरा तरह से हावी है. जिससे नेताओं का बातों को कोई सुनने वाला नहीं है.

बता दें कि बैठक में पशुपति कुमार पारस और महबूब अली कैसर वर्चुअली रूप से उपस्थित रहे. वहीं दो पूर्व सांसद सूरजभान सिंह औ काली पांडेय ने हिस्सा लिया था.