मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग शुक्रवार को, टाइमिंग को ले कांग्रेस में मतभेद

नरेंद्र मोदी व अमित शाह का फाइल फोटो

लाइव सिटीज डेस्क : केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने मंजूरी दे दी है.  विपक्ष द्वारा लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार को चर्चा के बाद वोटिंग होगी. कांग्रेस और टीडीपी के कई सांसदों ने स्पीकर को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था जिसमें से एक प्रस्ताव को सदन में 50 से ज्यादा सांसदों के समर्थन के बाद स्पीकर की ओर से स्वीकार किया गया. अब इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को लोकसभा में चर्चा और वोटिंग कराई जाएगी.

लेकिन इस प्रस्ताव की टाइमिंग को लेकर कांग्रेस बंटती हुई नजर आ रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव की टाइमिंग के पक्ष में कांग्रेस के एक धड़े का मानना है कि यदि यह मोदी सरकार का अंतिम संसदीय सत्र हुआ तो विपक्ष इस मौके से चूक जाएगा कि सरकार बिना अविश्वास प्रस्ताव के कार्यकाल पूरी नहीं कर पाई. इसका मानना है कि यह रिकॉर्ड में रहना चाहिए कि मौजूदा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था.



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इस तर्क के पीछे मंशा है कि बहस की मीडिया कवरेज से मोदी सरकार के खिलाफ मुद्दों को जनता के बीच ले जाने का मौका मिलेगा. वहीं विपक्ष एक साथ इकट्ठा होगा. दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी अपने सहयोगियों और बाकी दलों को मनाने के लिए जद्दोजहद करना पड़ेगा.

जबकि अविश्वास प्रस्ताव की टाइमिंग के विरोध में कांग्रेस के एक धड़े का मानना है कि विपक्ष मोदी सरकार के ट्रैप में आ गया. नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने आज तक से कहा है कि शुक्रवार शाम को प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री मोदी अपना भाषण लोकसभा में देंगे. शनिवार-रविवार को सप्ताहांत के चलते मीडिया में छाये रहेंगे और बीजेपी इसके जरिए नैरेटिव खड़ा करने मे कामयाब हो सकती है.