अमरनाथ गुफा में अब न बजेंगी घंटियां और न ही लगेंगे शिव के जयकारे

लाइव सिटीज डेस्क : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT)  ने अमरनाथ यात्रा पर जयकारे लगाने और मंत्रों के उच्चारण पर रोक लगाने का आदेश दिया है. एनजीटी ने अमरनाथ को साइलेंस जोन घोषित करने का आदेश देते हुए कहा कि यह इलाका पर्यावरण की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है. इस इलाके में ग्लेशियरों की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यहां शोर-शराबा नहीं होना चाहिए और यात्रियों की संख्या भी सीमित होनी चाहिए. नेशनलग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने बुधवार को अमरनाथ गुफा क्षेत्र को साइलेंस जोन घोषित कर दिया. एनजीटी का कहना है कि गुफा को साइलेंस जोन करने से हिमस्खलन रोकने प्राचीन प्रकृति बरकरार रखने में मदद मिलेगी.

इस आदेश के बाद बाबा भोलेनाथ की पवित्र गुफा में धार्मिक रस्मों पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसका सीधा सा मतलब ये निकला कि गुफा के दर्शनार्थी श्रद्धालु अब न तो ‘बम-बम भोले’ के नारे और ‘जय बाबा बर्फानी’ के जयकारे नहीं लगा सकेंगे. वे गुफा में प्रसाद तक नहीं ले जे सकेंगे. एनजीटी कोर्ट ने कहा है कि अमरनाथ गुफा अब पूरी तरह से साइलेंट जोन होगी.



जयकारा लगाते भक्त

एनजीटी ने यह निर्देश भी दिया है कि भक्त अब पवित्र गुफा तक अपने मोबाइल फोन भी नहीं ले जा पाएंगे. श्रद्धालुओं को अपना मोबाइल फोन और अन्य जरूरी सामान अब अंतिम चेक पोस्ट पर जमा करना होगा. इसके आगे उन्हें कुछ भी ले जाने की इजाजत नहीं होगी. एनजीटी ने अमरनाथ श्राइन बोर्ड से एक स्टोर रूम बनाने के लिए भी कहा है जहां भक्तों के सामान रखे जाएंगे.

इसके अलावा एनजीटी ने श्राइन बोर्ड को इस बात का भी निर्देश दिया है कि अंतिम चेक पोस्ट के बाद भक्तों की केवल एक लाइन हो जिसमें एक के पीछे एक दर्शनार्थी अमरनाथ गुफा की ओर बढ़ें. एनजीटी ने श्राइन बोर्ड से अमरनाथ गुफा के अंदर लगी लोहे की रॉड भी हटा दी जाए.

आपको बता दें कि पिछले महीने एनजीटी ने अमरनाथ श्राइन बोर्ड को श्रद्धालुओं को पर्याप्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध न कराने और इस मामले में दिसंबर के पहले हफ्ते में स्टेटस रिपोर्ट न सौंपने को लेकर फटकार लगाई थी. अमरनाथ श्राइन बोर्ड को फटकार लगाने के बाद ही एनजीटी की ओर से ये आदेश जारी किया गया है.