अब चिराग खुलकर आ गए सामने, पार्टी के 119 प्रत्याशियों से कह दिया- आप तैयार रहिए, हम लड़ेंगे बिहार चुनाव

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : एनडीए में ऑल इज वेल होने का जेडीयू और बीजेपी लाख दावे कर लें, लेकिन हकीकत कुछ और ही हैं. लोजपा और जेडीयू के बीच रिश्तों में तल्खियां दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है. जेडीयू द्वारा लोजपा को कम आंके जाने से चिराग पासवान इतने बिदके हुए हैं कि उन्होंने अब आर-आप की लड़ाई का मूड बना लिया है.

चिराग पासवान आज अपने 119 संभावित प्रत्याशियों के साथ वर्चुअल संवाद किया है. संभावित प्रत्याशियों से चिराग पासावन ने कह दिया कि आपलोग तैयार रहिए, किसी भी सूरत में बिहार चुनाव लड़ा जाएगा. स्वरूप चाहे जो भी हो बिहार विधानसभा चुनाव हर हाल में लड़ेगी पार्टी.



वर्चुअल संवाद के दौरान उन्होंने पार्टी नेताओं की पीठ भी थपथपायी और उन्हें डांट भी पिलाया. पीठ थपथपाते हुए उन्होंने प्रत्याशियों से कहा कि हाल के दिनों में नीट और जेईई की परीक्षा होने वाली है. इसमें आप लोग छात्रों के अभिभावक बन जाएं. उनकी सारी सुविधा का ख्याल रखें. मानवता का परिचय दें

उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में जेईई और नीट परीक्षा का आयोजन करना सहीं नहीं है. इसको लेकर लोजपा सभी प्लेटफॉर्म पर विरोध जता चुकी है. लेकिन परीक्षा रद्द नही हुआ. ऐसे में छात्रों की सुरक्षा को लेकर लोजपा की और जिम्मेवारी बढ़ जाती है.

पार्टी प्रत्याशियों को चिराग पासवान ने कहा कि पार्टी का एजेंडा बिहार फर्स्ट बिहारी फर्स्ट की बातों को लेकर अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में चर्चा करें. उन्हें बताएं कि आखिर क्यों अभी भी पिछलग्गू बना हुआ हैं बिहार. क्यों इतने सालों में बिहार विकास नहीं किया. पर्यटन के क्षेत्र में  असीम संभावनाएं हैं फिर भी बिहार केन्द्र की ओर से टकटकी लगाए रहता है. आखिर ऐसा क्यों ?

चिराग पासवान ने कोटा का जिक्र करते हुए कहा कि कोटा में पढ़ने वाले बिहारी, पढ़ाने वाले बिहारी यहां तक वहां के कई संस्थानों के संचालक बिहारी है तो फिर कोटा में संस्थान क्यों ? बिहार के हक की चीजें राजस्थान को मिल रही है, आखिर ऐसा क्यों?

वर्चुअल संवाद के दौरान चिराग पासवान ने पार्टी प्रत्याशियों को डांट भी पिलाने का काम किया. वैसे प्रत्याशियों से सदस्यता की रकम ले जाने को कहा जिन्होंने अपने क्षेत्र में 25 हजार सदस्य तो बनाए लेकिन अपनी जेब से सदस्यता शुल्क जमा करा दिया.

चिराग पासावन ने अपनी जेब से सदस्यता शुल्क जमा कराने वाले नेताओं से कहा कि उनका मकसद 25 हजार सदस्य बनाने के साथ-साथ 10 रूपये की मामूली शुल्क लेकर उनका आत्मीय लगाव पार्टी के साथ जोड़ना था. लेकिन अपनी जेब से शुल्क जमा कर टारगेट पूरा करने वाले नेताओं ने ऐसा नहीं किया. जो सरासर गलत है.

लोजपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सदस्यता फॉर्म की जांच जारी है. अगर जांच के दौरान कोई भी फॉर्म में गड़बड़ी पायी जाती है तो संबंधित नेता पर निश्चित ही कार्रवाई की जाएगी. यहां तक की उनकी उम्मीदवारी रद्द करने को लेकर भी पार्टी विचार कर सकती है.