सुविधा : अब सभी श्रेणियों में इनकम टैक्स रिटर्न भरें ऑनलाइन

लाइव सिटीज डेस्क : डिजिटल की ओर कदम बढ़ा चुका भारत अब हर महत्वपूर्ण कार्य को वेब के माध्यम से जोड़ना चाहती है. जिससे पारदर्शिता बने. लोग आसानी से अपने सभी कार्य घरों में बैठे चुटकियों में पूरा कर सकें. बस मोबाइल और लैपटॉप में उंगली लगाते ही काम निपट जाए. इसी क्रम में केंद्र सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न भरने को लेकर बड़े कदम उठाये हैं.  

आयकर विभाग ने अब सभी श्रेणियों के आयकर रिटर्न (आइटीआर) के लिए ई-फाइलिंग सुविधा चालू कर दी. अब सभी श्रेणियों के आइटीआर की विभाग की वेबसाइट के जरिये ई-फाइलिंग की जा सकती है. आयकर विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.



अधिकारी ने बताया कि आकलन वर्ष 2017-18 के लिए विभाग के ई-पोर्टल पर सभी नए आइटीआर फाइलिंग के लिए उपलब्ध हैं. आयकर रिटर्न 31 जुलाई तक दाखिल किए जा सकते हैं.

उन्होंने कहा कि करदाता को ई-फाइलिंग से पहले बीते साल के आइटीआर की प्रति, बैंक स्टेटमेंट, स्त्रोत पर कर कटौती यानी टीडीएस और सेविंग सर्टिफिकेट, फॉर्म-60 और अन्य संबंधित दस्तावेज तैयार रखने चाहिए. आइटीआर का ई-सत्यापन आधार नंबर के जरिये किया जा सकता है. 

इसमें सभी औपचारिकताएं कंप्यूटर पर क्लिक करके पूरी की जा सकती हैं। आइटीआर-5 (ई-रिटर्न जमा करने की पावती) को बेंगलुरु में सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर पर डाक के जरिये भेजने की जरूरत नहीं होगी.

इस अधिकारी के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में आधार के जरिये पहले ही 2,59,831 आइटीआर का ई-सत्यापन किया जा चुका है.

सरकार ने वित्त अधिनियम 2017 में करदाताओं के लिए आइटीआर जमा कराते समय आधार या आधार आवेदन के नामांकन की आइडी का ब्योरा देने को अनिवार्य कर दिया है.

इसके अलावा एक जुलाई, 2017 से स्थायी खाता संख्या (पैन) के लिए आवेदन करने के लिए आधार जरूरी होगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आकलन वर्ष 2017-18 के लिए 31 मार्च को सभी सात आइटीआर पेश किए थे.

इसमें एक पेज वाला आइटीआर-1 यानी सहज भी शामिल है. यह वेतनभोगी वर्ग और उन लोगों के लिए है, जिनकी एक मकान और ब्याज से कुल आमदनी 50 लाख रुपये तक है.

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