अब लालू से मिलना होगा मुश्किल, मुलाकात के लिए 14 दिनों के क्वारैंटाइन पीरियड से गुजरना होगा

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : रांची रिम्स में इलाजरत लालू से मिलना अब मुश्किल होगा. जिसको मिलना होगा उन्हें 14 दिनों का क्वारंटीन में रहना होगा. 14 दिन के बाद ही उन्हें लालू प्रसाद से मिलने दिया जाएगा. इसके लिए स्थानीय जिला प्रशासन ने तैयारी कर ली है.

रांची जिला प्रशासन ने कोरोना के कारण ऐसा निर्णय लिया है. जिसके अनुसार अगर कोई शख्स लालू प्रसाद से मिलने दूसरे प्रदेश से आता है तो उन्हें 14 दिनों का क्वारंटीन किया जाएगा. 14 दिनों के क्वारंटीन अवधि पूरा करने के बाद ही उन्हें लालू प्रसाद से मिलने दिया जाएगा.



स्थानीय जिला प्रशासन ने बताया कि कोरोना के बढ़ते प्रभाव के कारण ऐसा फैसला लिया गया है. कोरोना से लालू की सुरक्षा को लेकर एहतियातन कदम उठाए गए हैं. जिसे सख्ती से पालन किया जाएगा.

कहा तो यह भी जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी की टिकट को लेकर रिम्स में टिकटार्थियों की रेस लगी है. प्रत्येक दिन कई लोग अपनी उम्मीदवारी पक्की कराने को लेकर लालू दरबार में हाजिरी लगा रहे हैं. जिसको झारखंड का मुख्य विपक्ष पार्टी ने मुद्दा बना लिया है.

झारखंड बीजेपी के प्रवक्ता प्रातुल सहदेव प्रदेश कहा कि एक सजायाफ्ता मुजरिम के लिए जिस तरीके से हेमंत सोरेन सरकार ने रेड कारपेट बिछा दिया है, वह असंवैधानिक है. सर्वोच्च न्यायालय ने सभी जेलों में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य रूप से लगाने का निर्देश दिया था. अभी लालू जिस बंगले में रह रहे हैं, उसे भी जेल के रूप में अधिसूचित किया गया है. लेकिन, यहां सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय की अवहेलना कर सीसीटीवी नहीं लगाया गया है.

प्रतुल ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस काल में लालू प्रसाद के बंगले के सामने रोज सोशल डिस्टेंसिंग की अवहेलना कर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट रही है. बिहार से आने वाले राजद नेताओं को न तो क्वारैंटाइन किया जा रहा है न ही उनके अनुमति पत्र की जांच की जा रही है. हेमंत सोरेन सरकार राजधर्म भूलकर लालू धर्म निभाने में व्यस्त है.