बड़ा फैसला : सेंट्रल स्कूल में अब सांसद कोटे से नहीं मिलेगा एडमिशन

लाइव सिटीज डेस्क : सेंट्रल स्कूल में सांसदों के कोटे से दाखिला लेने वालों को बड़ा झटका लगा है. सरकार ने अब सांसद कोटा ही सेंट्रल स्कूल में ख़त्म कर दिया है. केंद्रीय विद्यालय (केवी) संगठन के स्कूलों में 2018 सत्र से अब सांसद कोटे से दाखिले नहीं होंगे. सरकार ने बोर्ड ऑफ गवर्नर का कोटा खत्म करने की मांग को मंजूरी दे दी है. अब केवी में दाखिला प्रक्रिया 15 मई को ही खत्म हो जाएगी. अभी तक फरवरी से अगस्त तक दाखिला होने के चलते पढ़ाई प्रभावित होती थी. इसके अलावा 11वीं कक्षा में अब किसी भी प्रकार के कोटे से दाखिला नहीं होगा, बल्कि मैरिट के आधार पर सीट मिलेगी. इससे पहले दसवीं और 12वीं कक्षा में कोटा खत्म किया जा चुका है. इस प्रकार अब 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा में कोटा नहीं, मैरिट आधार होगा.

मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर की अध्यक्षता में मंगलवार को बोर्ड ऑफ गवर्नर की बैठक आयोजित हुई, जिसमें ये भी फैसला किया गया कि सामान्य दाखिले 30 अप्रैल तक ही होंगे. सांसदों को कोटे के तहत दिए जाने वाले सभी आवेदन की प्रक्रिया 16 अप्रैल तक चलेगी.

बता दें कि बीते सालों में केंद्रीय विद्यालय में सांसदों के कोटे के तहत आने वाली सीटों की संख्या छह से बढ़ाकर दस कर दी गई थी. केंद्रीय विद्यालय संगठन के बोर्ड ऑफ गवर्नर की मीटिंग में यह फैसला लिया गया था. सांसद कोटे में किए गए इस बदलाव का फैसला अगले अकादमिक सत्र से लागू हो जाएगा. सेंट्रल स्कूल में चल रहा मंत्री कोटा का खेल, रवीश बोले- अबकी बार सिफ़ारिश सरकार ! 

बदले नियम के मुताबिक प्रत्येक सांसद एक अकादमिक सत्र में 10 बच्चों के लिए केंद्रीय विद्यालय में दाखिले की सिफारिश कर सकता था. हालांकि नए नियमों के मुताबिक सांसद अपने ही निर्वाचन क्षेत्र के छात्रों के ही दाखिले की सिफारिश कर सकते थे. उनकी सिफारिश भी उनके ही निर्वाचन क्षेत्र में पड़ने वाले केंद्रीय विद्यालय पर लागू हो रही थी. अगर सांसद के निर्वाचन क्षेत्र में कोई केंद्रीय विद्यालय नहीं हुआ या फिर उस केंद्रीय विद्यालय में वांछित विषय की पढ़ाई उपलब्ध न हुई तो सांसद अपनी सिफारिश नजदीकी केंद्रीय विद्यालय के लिए कर सकेंगे.

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