फिर बदले हैं पासपोर्ट बनवाने के नियम, रसीद का टेंशन खत्म, बर्थ सर्टिफिकेट की भी जरूरत नहीं

लाइव सिटीज डेस्क : पासपोर्ट से संबंधित कई ख़बरें रोज मिल रही हैं. पासपोर्ट अब डाकघर से भी बनने लगे हैं. बिहार के कई जिले में इसकी शुरुआत तो हो ही गई है. अब एक और अच्छी खबर यह है कि पासपोर्ट बनाने के लिए रसीद सहेजने का झंझट खत्म किया जा रहा है. केंद्रीय विदेश मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी आदेश के मुताबिक, अब पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदकों को आवेदन की रसीदें नहीं ले लानी पड़ेगी. मोबाइल पर आए एसएमएस के आधार पर ही शेष औपचारिकताएं पूरी हो जाएगी. पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में रसीद का चलन खत्म करने से हर माह हजारों पेज बचाए जा सकेंगे. इसके अलावा और भी कई नियमों में बदलाव किये गए हैं.

एक पासपोर्ट अधिकारी के मुताबिक ‘गो ग्रीन’ कार्यक्रम के तहत यह नई व्यववस्था की जा रही है. उन्होंने कहा कि इस संबध में तत्काल आदेश जारी कर दिए गए हैं और देश के कई रीजनल पासपोर्ट कार्यालय में यह नियम लागू कर दिया है. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से पासपोर्ट बनाने में भी तेजी आएगी.  बिहार के इन डाकघरों में बनने लगा है पासपोर्ट, जानिए आपके जिले में कब होगी शुरुआत 

जहां-जहाँ यह व्यवस्था लागू हुई है वहां अब वेटिंग में काफी कमी आ गई है. पासपोर्ट बनाने की संख्या में भी तेजी आई है. कहा जा रहा है कि यदि पूरे संसाधनऔर स्टाफ हों तो एक पासपोर्ट ऑफिस से प्रतिदिन 600-700 पासपोर्ट प्रतिदिन बनाए जा सकते हैं. अभी पासपोर्ट के लिए आवदेन करने पर आवेदक को रसीद मिलती है, जिसे लेकर वह कार्यालय में जाता है. इसे अपने साथ लाए दस्तावेज की फोटोकॉपी के साथ दिखाना होता है. इसके बाद उसे टोकन नंबर मिलता है.

जानकारी के अनुसार, अब तक 26 जनवरी, 1989 या उसके बाद जन्म लिए लोगों के लिए बर्थ सर्टिफिकेट देना अनिवार्य था, लेकिन अब नगर निगम के रजिस्ट्रार, जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रार या सर्टिफाइड अथॉरिटी से बनवाया गया बर्थ सर्टिफिकेट मान्य होगा. यही नहीं, किसी शैक्षणिक संस्था की तरफ से जारी किया गया ट्रांसफर या स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट भी पूरी तरह से मान्य होगा.

पैन कार्ड, आधार कार्ड या ई-आधार, ड्राइविगं लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड भी पासपोर्ट बनाने के लिए मान्य होंगे. इसके अलावा माता-पिता का विवरण देना आवश्यक नहीं है. इसकी जगह आप अभिभावक या साधु-संत आध्यात्मिक गुरू का नाम दे सकते हैं. ध्यान देने वाली बात यह है कि पासपोर्ट फॉर्म में कॉलम की संख्या को भी मंत्रालय ने 15 से घटाकर 9 कर दिया है. इसमेंA, C, D, E, J और K को हटा दिया गया है. वहीं, अब तक आपको पासपोर्ट के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट, नोटरी आदि से सत्यापन (अटेस्टेशन) करना होता था, लेकिन अब आपको केवल पेपर पर सेल्फ डिक्लेरेशन देना होगा.

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