कोरोना के बीच अब डेंगू की चपेट में आने लगे लोग, पटना में मिले दर्जनों केस

लाइव सिटीज, सेंट्र डेस्क: कोरोना महामारी के बीच राजधानी पटना में अब डेंगू के मामले सामने आने लगे हैं. बदलते मौसम के कारण डेंगू के मामलों में इजाफा हुआ है। पिछले एक सप्ताह के अंदर डेंगू के दर्जनों के सामने आ चुके हैं. पटना के कई इलाकों में डेंगू ने अपना कहर बरसाना शुरू कर दिया है.

जिन इलाकों में ये मरीज मिले हैं, उनमें दानापुर और जगदेव पथ, फुलवारीशरीफ रोड, कंकड़बाग हैं। अभी सरकारी अस्पतालों में कोरोना मरीजों की जांच और उपचार पर ही ध्यान है. ऐसे में निजी लैब में जांच कराना इन मरीजों की मजबूरी है. यही कारण है कि सिविल सर्जन कार्यालय की ओर से बताया गया है कि अभी डेंगू के केस पटना में नहीं हैं.



दानापुर के रहने वाले मरीज के परिजन राहुल ने बताया कि निजी लैब में जांच करायी थी तो डेंगू पॉजिटिव आया. जिसके बाद 14 अगस्त को पीएमसीएच में भर्ती हुआ लेकिन यहां जांच में असुविधा हुई तो एक निजी अस्पताल में जाकर इलाज कराया. जगदेव पथ के दो लोग प्राइवेट लैब से जांच कराने के बाद एनएस-वन पॉजिटिव पाए गए. डॉक्टर की सलाह पर ये लोग घर पर ही इलाज करवा रहे है.

पीएमसीएच के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कोरोना और जेई की जांच के अलावा अन्य दूसरे तरह की जांच नहीं हो रही है. कोरोना का हवाला देते हुए आने वाले मरीजों को वापस लौटा दिया जा रहा है. पीएमसीएच में ओपीडी शुरू है लेकिन जब मरीज माइक्रोबायोलॉजी विभाग में जांच कराने पहुंच रहे हैं तो उन्हें नीचे से ही कोरोना का बहाना बनाकर वापस भेज दिया जा रहा है. माइक्रोबायोलॉजी विभाग और वायरोलॉजी लैब में फिलहाल डेंगू, चिकनगुनिया, हेपेटाइटिस बी एवं सी, टॉर्च, मिजल्स आदि जांच प्रभावित हुई है। वहीं बैक्टीरियोलॉजी में सभी तरह के कल्चर जांच, जिसमें ब्लड कल्चर, पेशाब कल्चर, स्कीन के सभी जांच बंद हैं.

डेंगू से बचाव के लिए कई तरह की सावधानी बरतने की आवश्यकता है. डॉक्टरों की मानें तो घर में कहीं भी साफ पानी को जमा नहीं होने देना, शरीर को पूरा ढक कर रखना, सोने के लिए मच्छरदानी का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है. डेंगू के दौरान भी शरीर में दर्द और तेज बुखार के लक्षण पाए जाते हैं. साथ ही साथ शरीर में लाल चकते का निशान, उल्टी होना और सांस लेने में तकलीफ भी शामिल है.