रेलवे के इस कदम से अब नहीं रहेगा किसी भी स्टेशन पर अंधेरा, पढ़िए क्या प्लान है

लाइव सिटीज डेस्क : इंडियन रेलवे ने अब रेल भवन और स्टेशनों पर  अब सोलर पैनल लगाने की तैयरी में है. बता दें कि अभी भी कई ऐसे रेलवे स्टेशन हैं, जहां बिजली के अभाव में शाम होते ही घुप अँधेरा छा जाता है. ऐसी स्थिति में स्टेशन पर यह पता नहीं लग पाता है कि कौन सी ट्रेन आई और कब निकल गई. साथ ही बिजली गुल रहने का फायदा उठा कर चोर उचक्के भी वारदात को अंजाम दे जाते हैं. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. रेलवे ने तय किया है कि अब सभी रेल भवनों पर सोलर पैनल लगाया जाएगा.जिससे समुचित बिजली का उत्पादन हो सकेगा.

पूर्व मध्य रेल मुख्यालय हाजीपुर समेत सभी रेल भवनों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे. इसी से बिजली की आपूर्ति होगी. इसके लिए बुधवार को पूर्व मध्य रेल के अपर महाप्रबंधक अनूप कुमार प्रमुख मुख्य विद्युत अभियंता राकेश तिवारी की उपस्थिति में नई दिल्ली की कंपनी मैसर्स अजूर पावर रूफटॉप फोर प्राइवेट लिमिटेड के साथ समझौता हुआ.



मौके पर मुख्य विद्युत सेवा अभियंता राजेश कुमार भी उपस्थित थे. समझौते के अनुसार, कंपनी 25 वर्षों तक स्टेशनों अन्य कार्यालय भवनों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र के डिजाइन, निर्माण, संचालन और रखरखाव का काम करेगी. पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि यह समझौता पीपीपी मोड पर किया गया है. रेलवे देगा एक हेल्पलाइन नंबर जो कभी नहीं बदलेगा, ट्रेन हादसे पर मिलेगी सही जानकारी

इसके तहत सौर पैनलों की स्थापना के लिए रेलवे इमारतों की छतों का उपयोग करने के लिए सौर ऊर्जा डेवलपर को देगा. इस परियोजना पर 37.63 करोड़ रुपए की लागत आएगी जिसका वहन कंपनी द्वारा किया जाएगा. इस संयंत्र द्वारा प्रति वर्ष लगभग 76 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा, जिसे फर्म रेलवे को 3.98 प्रति यूनिट की दर से बेचेगी. इससे रेलवे को अगले 25 वर्षों तक प्रतिवर्ष दो करोड़ की बचत होगी.