नीतीश कैबिनेट का बड़ा फैसला : संविदा पर होने वाली नियुक्तियों में भी अब रिजर्वेशन

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फाइल फोटो

पटना : देश भर में स्‍थायी तौर पर नियुक्तियों के सरकारी अवसर कम हो रहे हैं . ठेकों पर नियुक्तियों का नया रिवाज चल पड़ा है . इन नियुक्तियों के लिए करीब-करीब सभी सरकारें आउटसोर्सिंग कंपनियों का सहारा भी लेती है . अब तक इन नियुक्तियों में किसी प्रकार के रिजर्वेशन का फार्मूला नहीं लागू था .

पर बिहार में नीतीश कुमार की सरकार ने आज इस बारे में बड़ा फैसला कर लिया है . राज्‍य मंत्रिपरिषद की बैठक में निर्णय किया गया है कि ठेके पर आउटसोर्सिंग श्रोत से होने वाली नियुक्तियों में भी रिजर्वेशन लागू किया जाएगा . इसका आशय जानकार बता रहे हैं कि अब संविदा/ठेका पर जितनी भी नियुक्तियां होंगी,सबों में रिजर्वेशन लागू किया जाएगा . मतलब संविदा पर चाहे डाक्‍टर नियुक्‍त हों अथवा शिक्षक या फिर कोई और,कुल भर्तियां रिजर्वेशन के नियमों को लागू कर भरी जाएगी .

बिहार कैबिनेट के फैसले के बाद सरकार इसके नियम-कानून को तय करेगी . अभी स्‍पष्‍ट होना है कि आउटसोर्सिंग में रिजर्वेशन कितना प्रतिशत होगा . लेकिन पुराने लोग कह रहे हैं कि जितना रिजर्वेशन अभी सरकारी नौरियों में है,उतना ही बिहार सरकार लागू रखेगी . कैटेगरी भी वैसे ही रहेंगे .

बिहार कैबिनेट के आज 1 नवंबर के फैसले को स्‍टेट पालिटिक्‍स से भी जोड़कर देखा जा रहा है . आरक्षण को लेकर पिछले कई दिनों से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद केन्‍द्र और राज्‍य सरकार पर हमलावर थे . अब जदयू के भीतर से भी आवाज उठने लगी थी . बिहार विधान सभा के पूर्व अध्‍यक्ष उदय नारायण चौधरी व पूर्व मंत्री श्‍याम रजक ने खुले तौर पर न सिर्फ बोलना शुरु कर दिया था,बल्कि सड़कों पर उतरने का एलान भी कर रहे थे . कह रहे थे कि सरकार में नौकरियां कम हो रही है और संविदा पर होने वाली नियुक्तियों में रिजर्वेशन नहीं लागू किया जा रहा है,यह सब वे नहीं चलने देंगे . ऐसे में,बिहार कैबिनेट का आज का फैसला बड़ा महत्‍वपूर्ण हो गया है .   ‍