बोले सीएम नीतीश : अब जमाना टोका फंसाने का नहीं बिल चुकाने का है

लाइव सिटीज डेस्क (नियाज आलम): राज्य के हर गांव में भी घर-घर बिजली पहुंचाने के उद्देश्य से गुरुवार को सीएम सचिवालय के संवाद भवन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुल 2650.51 करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन, अनावरण और शिलान्यास किया. 

इनमें 894.55करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास, 1219.63 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और 536.33 करोड़ रुपये की योजनाओं का उद्घाटन शामिल है. कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और ऊर्जा एवं वाणिज्य कर विभाग मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव भी उपस्थित रहे. उनके अलावा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे. कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अलग-अलग ज़िलों में आयोजित कार्यक्रम में शामिल सांसद और विधायक भी मुख्यमंत्री से जुड़े रहे. 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले ऊर्जा विभाग को उसकी कोशिशों के लिए बधाई दी.  नीतीश ने कहा कि अगले वर्ष के अंत तक राज्य के हर घर में बिजली पहुंच जायेगी. इस साल के अंत तक हर गांव औरहर बसावट का विद्युतीकारण कर दिया जायेगा. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि पहले जो लोग टोका मार कर बिजली इस्तेमाल करते थे. अब टोका का ज़माना नहीं रहा. उन्होंने गलत बिल की बात करते हुए कहा की हर उपभोक्ता अब बिल का भुगतान करना चाहता है, बस बिल सही आना चाहिए.

उन्होंने कहा की आज गलत बिल ही बिजली विभाग की सबसे बड़ी चुनौती है.

फ्रेंचाइजी से मुक्ति चाहती है सरकार
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विद्युतीकरण को लेकर फ्रैंचाइज़ी की प्रणाली पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फ्रेंचाइजी से मुक्ति पाना चाहती है, क्योंकि इसी के कारण दर्जनों गांव में विद्युतीकरण नही हो सका है. मुज़फ्फरपुर के 24 और भागलपुर के 6 गांव भी इनमें शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने सरकार के हर घर में बिजली के लक्ष्य पर कहा की अभी भी 633 गांव बिजली से वंचित हैं. इनमें 157 गांव पटना व अन्य ज़िलों के सियार क्षेत्र के गांव है. 218 गांव कैमूर और रोहतास ज़िलों के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में हैं. यहां सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली पहुंचने की योजना है. 

अकारण बिजली का इस्तेमाल न करें
नीतीश कुमार ने जनता से अपील की है कि अकारण बिजली का इस्तेमाल न करें. जितनी आवश्यकता है उतना ही प्रयोग करें. उन्होंने विभाग को इसके लिए जागरूकता अभीयांन चलने की भी सलाह दी. उन्होंने कहा की बिजली की खपत बढ़ने से उसकी अपपोर्टी के लिए ज़्यादा कोयला जलन पड़ता है. इससे पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है. नीतिः ने कहा की आज मौसम में अचानक परिवर्तन के कारणों में ये भी एक कारण है. लोगों को इसे समझने की ज़रूरत है.

यह भी पढ़ें-  ‘नीतीश के चेहरे पर धब्बा हैं लालू, इसे धोना चाहिए’