गया के ‘दीना जी’ अब निकालेंगे कश्मीर समस्या का हल, उनकी सादगी का फैन है पूरा महकमा

गया (पंकज कुमार की विशेष रिपोर्ट) : नरेंद्र मोदी सरकार ने गया जिले के बेलागंज थाना के पाली गांव निवासी दिनेश्वर शर्मा उर्फ दीना जी को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है. आईबी के पूर्व निदेशक रहे शर्मा अब पिछले कई दशक से आतंकवादी घटनाओं से जूझ रहे कश्मीरियों को अब शांति की राह पर ले जाने के लिए राह दिखाएंगे. गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज दिल्ली में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर वहां के समाज के विभिन्न वर्गों से बातचीत की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. इसके लिए दिनेश्वर शर्मा को भारत सरकार का प्रतिनिधि बनाया गया है.

बिहार के पूर्व डीजीपी अभयानंद के समधी दिनेश्वर शर्मा की पहचान एक ईमानदार, पारदर्शी एवं बहुत ही सरल स्वभाव के अधिकारी के रूप में रही है. अपनी सादगी के लिए वे अधिकारियों के बीच हमेशा चर्चा में रहे हैं. वहीं विभागीय कर्मियों के लिए एक ईमानदार और बेदाग अधिकारी के तौर पर जाने जाते रहे हैं. शर्मा जब आईबी चीफ थे, तब म्यांमार में भारतीय सेना ने आतंकवादी ठिकानों पर हमला कर दर्जनों आतंकवादियो को मार गिराना था. शर्मा पिछले साल पाकिस्तान में भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक के समय आईबी प्रमुख थे. मोदी सरकार उन्हें सेवा विस्तार देने के लिए तैयार थी लेकिन जानकार सूत्रों का दावा है कि उन्होंने अपने कनीय के पक्ष में सेवा विस्तार न लेने का फैसला लिया.

आज मीडिया से बात करते दिनेश्वर शर्मा

क्या कहते हैं मगध आयुक्त

उनके बारे में मगध प्रमंडल के आयुक्त जीतेन्द्र श्रीवास्तव बताते हैं कि शर्मा केरल में बतौर एसपी कार्यरत थे. उस वक्त वहां डीआईजी रमण श्रीवास्तव थे. रमन श्रीवास्तव आयुक्त जितेन्द्र श्रीवास्तव के पिता हैं. श्रीवास्तव के अनुसार उनके पिता हमेशा कहा करते थे कि दिनेश्वर इज ए वेरी अपराइट, ऑनेस्ट एंड पब्लिक फ्रेंडली औफिसर.

क्या कहते हैं जोनल आईजी

जोनल आईजी नैय्यर हसनैन खान 2013 में मगध के डीआईजी थे. उस वक्त दिनेश्वर शर्मा आईबी के स्पेशल निदेशक थे. शर्मा बगैर किसी पूर्व सूचना के खान से मिलने उनके सरकारी आवास पर पहुंच गए. गार्ड ने परिचय पूछा तो उन्होंने अपना परिचय दिया. उस वक्त शर्मा बगैर किसी वाहन के थे. सुबह मार्निंग वाक के क्रम में पैदल डीआईजी आवास चले गए थे. वो भी अकेले. खान को जब जानकारी मिली तो वे शर्मा के पास पहुंचे. कहा कि आप मुझे बुला लेते. इसपर शर्मा का जवाब था कि आप मेरे इलाके के डीआईजी हैं.

माना जाता है कि भारतीय सेवाओं में आईपीएस संवर्ग का सर्वोच्च पद आईबी निदेशक है. आईबी निदेशक के सरकारी वाहन पर चार स्टार लगता है. लेकिन शर्मा जब भी गया आए तो उनके वाहन पर लगा स्टार हमेशा ढका रहा.

क्या कहते हैं परिजन

दिनेश्वर शर्मा की भाभी मगध सुपर 30 की संयोजिका गीता कुमारी का कहना है कि दीना जी बेहद सरल स्वभाव के व्यक्ति हैं. भाभी गीता कुमारी के पास एक नहीं कई कहानियां हैं जो ‘दीना जी’ की सादगी का प्रमाण है. कैसे रेलवे स्टेशन से दीना जी रिक्शा से नई गोदाम स्थित घर पहुंच गए. अधिकारी सरकारी वाहन लेकर स्टेशन पर इंतजार करते रह गए. उनके भतीजे संतोष भी अपने चाचा की सादगी के संबंध में अनेकों उदाहरण देते हैं.

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परिवार के पास मौजूद दिनेश्वर शर्मा की पुरानी तस्वीर

गया में ही हुई स्कूली पढ़ाई

गया के बेलागंज प्रखंड के पाली गांव के निवासी दिनेश्वर शर्मा आईबी के साथ तीन बार काम कर चुके हैं. 1956 में जन्मे दिनेश्वर शर्मा ने गया के टी-मॉडल हाईस्कूल से 1972 में मैट्रिक की परीक्षा पास की थी. 1976 में अनुग्रह नारायण कॉलेज से विज्ञान विषय से स्नातक किया. 1978 में वह भारतीय वन सेवा के लिए चुने गये. 1979 में भारतीय पुलिस सेवा की परीक्षा पास की. वह करीब 20 वर्षो तक आईबी में पोस्टेड रहे हैं.

दिनेश्वर शर्मा की शादी गया शहर के कोतवाली थाने के गुलाब बाग-पहसी के जालेश्वर प्रसाद सिंह की बेटी मंजू शर्मा से हुई है. मंजू शर्मा की बड़ी बहन गीता कुमारी की शादी उनके बड़े भाई भुवनेश्वर शर्मा से हुई है. उनके मंझले भाई मधेश्वर शर्मा की शादी केंद्रीय राज्यमंत्री गिरिराज सिंह की बहन से हुई है. शर्मा के बेटे की शादी राज्य के पूर्व डीजीपी अभयानंद की बेटी ऋचा से हुई है.