चुनावी राजनीति से संन्यास की बात पर सीएम नीतीश ने झट से यह बात कहीं…

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार चुनाव में मिली जीत के बाद पहली दफा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मीडिया के सामने आए. उन्होंने प्रेंस कांफ्रेंस कर मीडिया के हर सवाल का बड़े ही बेबाकी से जवाब दिया. उन्होंने कहा कि जनता ने एनडीए को सरकार बनाने का आदेश दिया है. इसलिए जनमत का सम्मान करते हुए बिहार में एनडीए की सरकार बनेगी.

पत्रकारों ने जब उनसे पूर्णिया के धमदाहा चुनावी सभा में राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा को लेकर सवाल किया तो नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है. प्रत्येक चुनाव के अंतिम चरण में मैं यही कहता हूं कि अंत भला तो सब भला. यहीं मेरा कहने का मतलब था.



किस घटक दल के कितने मंत्री होंगे के सवाल पर कहा कि नियमसंगत मंत्री होंगे. किस दल के कितने मंत्री होंगे, इसका फैसला होना अभी बाकी है. 13 तारीख को एनडीए के सभी चारों घटक दलों की बैठक होगी. बैठक में सारी बातें तय होगी.

वहीं जेडीयू को इतनी कम सीटें आने के सवाल पर कहा कि प्रत्येक सीट का आकलन किया जा  रहा है. सीटों पर विश्लेषण के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी. हमलोगों ने एडीए की जीत के लिए अभियान चलाया था.

बगैर किसी दल का नाम लिए नीतीश कुमार ने कहा कि कुछ लोग भ्रम फैलाने में सफल रहें. उसके यहां कोई अपना उम्मीदवार नहीं था, लेकिन खोज-खोजकर सबसे ज्यादा जेडीयू के खिलाफ प्रत्याशी खड़ा किया गया. हालांकि बीजेपी के खिलाफ भी कोई-कोई उम्मीदवार खड़ा करने का काम किया गया. इस बात को सभी लोग जानते है.

वहीं नीतीश कुमार ने लोजपा के मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई के सवाल पर कहा कि जेडीयू का इस मामले से कोई लेना देना नहीं है. यह निर्णय बीजेपी को लेना है. शुरूआत से ही जेडीयू ने लोजपा से किनारा कर लिया था. ऐसे में बीजेपी क्या करती है उसपर निर्भर करता है.

एनडीए की ओर से अगला सीएम को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि यह सारी बातें पूर्व में ही निर्धारित हो चुकी है. रही बात मेरी तो मेरा कोई स्वार्थ नहीं है. ना ही मैंने कभी भी अपनी ओर से इच्छा जाहिर की है.

आरजेडी पर लोगों को भरमाने का आरोप लगाते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि काम करने वालों के खिलाफ जब इस तरीके से लोगों में भ्रम फैलाया जा सकता है, तो बिना काम करने वाला सरकार में आएगा तो क्या सूरत होगी यह आप लोग सहज अंदाजा लगा सकते हैं .

विपक्ष ने वैसी चीजों को प्रचारित करने का काम किया जिसका संभव होना असंभव था. लेकिन उन लोगों ने इसे खूब प्रचारित किया. लेकिन जनता सब जानती है. परिणाम पूर्व वो लोग काफी खुश थे. लेकिन परिणाम आने के बाद उनकी क्या हश्र हुई यह सब आप लोग देख रहे हैं.